फर्जी PMO अधिकारी बनने वाले युवक को मिली जमानत, जानें पूरा मामला
मुंबई की एक अदालत ने 24 साल के रोहन पारेख को जमानत दे दी है। उन पर आरोप है कि उन्होंने 7 सितंबर को जियो वर्ल्ड प्लाजा में घुसने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का एक फर्जी आईडी कार्ड इस्तेमाल किया था।
यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वहां पास के एक कार्यक्रम में आने से ठीक एक दिन पहले हुई थी। उनके बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे को भी जमानत मिल गई है, जिनके पास हथियार था।
बचाव पक्ष ने कोर्ट को बताया कि वे वहां सिर्फ निजी कारणों से गए थे और इससे किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ।
ChatGPT से बनाया था फर्जी PMO आईडी कार्ड
अदालत ने इस बात पर गौर किया कि इस फर्जी आईडी का गलत इस्तेमाल करने का कोई साफ इरादा नहीं दिखा।
पारेख ने कथित तौर पर माना है कि उन्होंने यह कार्ड ChatGPT का इस्तेमाल करके बनाया था। पुलिस को उनके घर से PMO जैसे और भी दस्तावेज मिले हैं। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने कुछ चिंताएं जताई थीं। उनकी मुख्य चिंता यह थी कि जिस समय यह घटना हुई, उस दौरान सुरक्षा काफी कड़ी थी।
इसके बावजूद, जज ने पारेख की उम्र और उनकी पढ़ाई-लिखाई को ध्यान में रखते हुए उन्हें जमानत दे दी। दोनों आरोपियों को 50,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत मिली है, जबकि पुलिस अभी भी इस मामले की जांच कर रही है।