भारत में पहली छमाही में 6 प्रतिशत बढ़ी बिजली की मांग, दोगुनी हुई किल्लत
भारत में बिजली की मांग 2026 की पहली छमाही में करीब 6 प्रतिशत बढ़ गई है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से मई 2026 के दौरान बिजली की कमी जनवरी-मई 2025 की तुलना में दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। आपूर्ति और मांग के बीच यह अंतर लगातार बढ़ रहा है, खासकर ऐसे समय में जब देश में बिजली की रिकॉर्ड तोड़ जरूरतें सामने आ रही हैं।
मई में रही बिजली की रिकॉर्ड मांग
मई महीने में बिजली की अधिकतम मांग 270.8 गीगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर जा पहुंची। दिन के समय की कुल मांग का करीब 22 प्रतिशत हिस्सा सोलर एनर्जी से पूरा हुआ। इसके बावजूद, पंजाब और हरियाणा जैसे उत्तरी राज्यों में बिजली की भारी किल्लत बनी रही। अप्रैल में उनकी मासिक जरूरतों का 2 प्रतिशत तक हिस्सा भी पूरा नहीं हो पाया। मानसून की देरी से होने वाली बारिश और 'अल नीनो' के प्रभाव से कूलिंग और सिंचाई के लिए बिजली की खपत और बढ़ने की उम्मीद है। इसी वजह से भारत के थर्मल पावर प्लांट फिलहाल अपनी पूरी क्षमता पर काम कर रहे हैं।