देश में चिटफंड कंपनियों ने साढ़े 3 करोड़ लोगों से की 10,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी
देश में एक और बड़ा चिटफंड घोटाला सामने आया है, जिसमें 10,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। इस ठगी का शिकार 17 राज्यों में लगभग 3.5 करोड़ लोग बने हैं। पुलिस ने इस मामले में 10 कंपनियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों ने कई राज्यों में अलग-अलग नामों से फर्जी कंपनियां बनाईं। इन्होंने निवेशकों को अपने जाल में फंसाया और उनसे जल्दी दोगुना मुनाफा देने का वादा किया, लेकिन बाद में उनका पैसा लेकर फरार हो गईं। अकेले मध्य प्रदेश में 2.10 लाख से ज्यादा लोगों ने इन कंपनियों में 492 करोड़ रुपये का निवेश किया था।
आरोपियों ने केंद्रीय सहकारी समिति में कराया था पंजीकरण
राज्य स्तर पर पंजीकरण करवाने के बजाए आरोपियों ने अपनी सोसायटियों का केंद्रीय सहकारी समिति में पंजीकरण कराया था। यह पंजीकरण कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के तहत हुआ था। इसी वजह से उन्हें उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे कई राज्यों में बेरोकटोक काम करने की छूट मिल गई। इन राज्यों में भी FIR दर्ज कराई गई हैं और अब तक 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसियां अभी भी इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि इन कंपनियों ने आखिर इस पूरे खेल को कैसे अंजाम दिया। वे सभी जिम्मेदार लोगों को कानून के कटघरे में लाने की कोशिश कर रही हैं।