खाने-पीने की चीजों की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी, सरकार ने घटाया आयात शुल्क
भारत में खाने-पीने की चीजों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। अल नीनो की चिंताएं बढ़ने के साथ ही चावल और अरहर दाल जैसी मुख्य चीजें और महंगी हो रही हैं।
पिछले साल से अब तक चावल 8.5 प्रतिशत महंगा होकर 4,185 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है, वहीं अरहर दाल 125 रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर बिक रही है।
केंद्र सरकार की अगस्त 2026 की मासिक आर्थिक रिपोर्ट में अल नीनो को एक अहम कारक बताया गया है जिस पर नजर रखने की जरूरत है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर अल नीनो की स्थिति बनी रहती है, तो कमजोर या असमान मॉनसून का खतरा बढ़ सकता है। इससे फसलों की पैदावार और खाने-पीने की चीजों के दाम पर दबाव और बढ़ेगा।
भारत ने घटाया खाद्य तेलों पर आयात शुल्क
अल नीनो मॉनसून की बारिश को प्रभावित करता है, जिससे फसलें कमजोर हो सकती हैं और खाद्य पदार्थों के दाम और भी बढ़ सकते हैं। ऐसे में लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने कुछ कदम उठाए हैं।
सरकार ने कच्चे सोयाबीन, कच्चे पाम और कच्चे सूरजमुखी तेल पर आयात शुल्क घटाकर 5 प्रतिशत और कुछ पर शून्य कर दिया है। इसी तरह, रिफाइंड सोयाबीन और पाम तेल पर 27.5 प्रतिशत और रिफाइंड सूरजमुखी तेल पर 22.5 प्रतिशत शुल्क तय किया गया है।
सरकार का यह कदम बाजार में तेल के दाम कम करने और घरेलू रिफाइनिंग उद्योग को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। इसके साथ ही, सरकार खराब मौसम की स्थिति में तेल की कमी से बचने के लिए स्टॉक पर भी लगातार नजर रखे हुए है।