गुरुग्राम में सीलिंग का कहर: रातोंरात बेघर हुए सैकड़ों किराएदार, फंसा सिक्योरिटी डिपॉजिट
गुरुग्राम के DLF में अचानक हुई सीलिंग ड्राइव ने कई किरायेदारों को मुश्किल में डाल दिया है। प्रशासन ने लोगों को अनाधिकृत वाणिज्यिक संपत्तियों से बाहर निकलने का आदेश दिया, और कई बार तो सिर्फ कुछ घंटों की नोटिस पर। इस आपाधापी में बहुत से किरायेदारों को अपना सामान वहीं छोड़ना पड़ा। अब वे अपना सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस लेने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
एक महिला दे रही बिना ब्रोकरेज के घर
इस जल्दबाजी में की गई बेदखली का असर युवा किरायेदारों पर सबसे ज्यादा पड़ा है। इनमें से कुछ तो महीने के 20,000 रुपये से भी ज्यादा दे रहे थे, और अब आखिरी वक्त में उन्हें नई जगह तलाशनी पड़ रही है। रियलटर दीप्ति वर्मा ने बताया कि उन्हें 25 साल से कम उम्र के 250 से ज्यादा किरायेदारों के कॉल आए जिन्हें तुरंत मदद की जरूरत थी। उन्होंने इन लोगों को बिना ब्रोकरेज के घर दिलाने का फैसला किया है। इस कार्रवाई का निशाना अवैध पीजी और होटलों जैसी बड़ी अनियमितताएं हैं। वहीं, जिन मामलों में सिक्योरिटी डिपॉजिट को लेकर विवाद उठे हैं, वहां पुलिस भी बीच-बचाव कर रही है।