तमिलनाडु सरकार का यू-टर्न: वामपंथी छात्रों की निगरानी के आदेश वापस, अब किसकी होगी जवाबदेही?
तमिलनाडु सरकार को इन दिनों तीखी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, सरकार ने 2 ऐसे परिपत्र जारी किए थे, जिनमें कॉलेजों और अधिकारियों से कहा गया था कि वे विरोध प्रदर्शनों से जुड़े छात्रों और राजनीतिक समूहों पर नजर रखें।
इसमें खास तौर पर वामपंथी विचारधारा वाले छात्रों को निशाना बनाया गया था। हालांकि, विभिन्न संगठनों और राजनीतिक नेताओं की कड़ी आलोचना के बाद, इन दोनों परिपत्रों को आनन-फानन में वापस ले लिया गया।
मंत्रियों ने मंजूरी देने से किया इनकार
राज्य के मंत्रियों ने कहा है कि ये आदेश उनकी मंजूरी के बिना ही जारी किए गए थे। इस मामले में एक अधिकारी का तबादला भी कर दिया गया है। इसके बावजूद, CPI (M) के नेता इस मामले में और ज्यादा जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। पूरे तमिलनाडु में हो रहे विरोध प्रदर्शनों ने छात्रों के अधिकारों और सरकार की निगरानी से जुड़े सवालों को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।