सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नहीं झुका तमिलनाडु, मुस्लिम आरक्षण पर देगा चुनौती
सुप्रीम कोर्ट ने इस्लाम धर्म अपनाने वाले लोगों के आरक्षण को खत्म करने वाले फैसले को बरकरार रखा है। इसके बावजूद, तमिलनाडु सरकार इस पर पीछे हटने को तैयार नहीं है।
राज्य के कानून मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार ने कहा कि सरकार इस फैसले को चुनौती देगी। उन्होंने यह भी बताया कि 2027 में एक सेवानिवृत्त हाई कोर्ट जज की अगुवाई में एक नया सामाजिक स्थिति सर्वे कराने की योजना है।
सुप्रीम कोर्ट: धर्मांतरण अनुच्छेद 16(4) के तहत नहीं
15 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हिंदू धर्म से दूसरे धर्म में धर्मांतरण करने पर अनुच्छेद 16(4) के तहत आरक्षण का लाभ अपने आप नहीं मिल जाता। इस बाधा के बाद भी, तमिलनाडु अभी भी पिछड़ी श्रेणी के मुसलमानों को 3.5 प्रतिशत आरक्षण दे रहा है।
सरकार ने हाल में हुई छापेमारी को लेकर उठ रही चिंताओं को भी दूर करने की कोशिश की है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि ये कार्रवाइयां ठोस सबूतों पर आधारित हैं, न कि किसी राजनीतिक मंशा से की जा रही हैं।