स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ POCSO और अनुसूचित जाति और जानजाति अधिनियम में कार्रवाई, क्या गिरफ्तारी है राजनीतिक साजिश?
जुलाई में दिल्ली के जंतर मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था, जिसके बाद स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार किया गया। उनका दावा है कि उनकी यह गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित है। अदालत में उनके वकील ने यह दलील दी कि झगड़ा शिकायतकर्ता ने ही शुरू किया था। वकील का यह भी कहना था कि एक वीडियो में शिकायतकर्ता भारद्वाज पर हमला करते हुए कथित तौर पर दिखाई दे रहा है।
भारद्वाज के खिलाफ POCSO और अनुसूचित जाति और जानजाति अधिनियम में कार्रवाई
भारद्वाज का मामला अब और भी गंभीर हो गया है। पहले उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) और 126(2) के तहत साधारण चोट पहुंचाने और गलत तरीके से रोकने का आरोप लगा था, लेकिन अब इसमें POCSO और अनुसूचित जाति और जानजाति अधिनियम के तहत गंभीर आरोप भी जुड़ गए हैं। दूसरी तरफ, शिकायतकर्ता पक्ष का दावा है कि उन्होंने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था। इसके लिए वे उनके एक वीडियो कबूलनामे का भी हवाला दे रहे हैं।