सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: उम्र जांच के लिए आधार कार्ड मान्य नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि आधार जन्मतिथि का पक्का सबूत नहीं है। अगर कभी आपको अपनी उम्र साबित करनी पड़े (खासकर कानूनी मामलों में), तो जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के मुताबिक, आपका स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र ही मान्य होगा।
इस फैसले ने पहले के एक हाई कोर्ट के निर्णय को बदल दिया है और उम्र को लेकर जो भ्रम बना हुआ था, उसे दूर कर दिया है।
सड़क दुर्घटना मुआवजे में उम्र को लेकर विवाद
इसकी शुरुआत एक सड़क दुर्घटना में मुआवजे के एक मामले से हुई थी, जिसमें उम्र बताने वाले दस्तावेज के आधार पर मिलने वाली मुआवजे की रकम में बड़ा फर्क आ रहा था।
सुप्रीम कोर्ट ने इस पर दखल देते हुए कहा कि किसी की उम्र तय करने के लिए सिर्फ उसके पढ़ाई-लिखाई के रिकॉर्ड ही देखे जाने चाहिए, न कि आधार कार्ड पर छपी जानकारी।
यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने भी पहले यह साफ किया है कि आधार मुख्य रूप से पहचान पत्र है, उम्र का प्रमाण नहीं।