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सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों से जुड़े आदेश पर टिप्पणी के लिए मेनका गांधी को फटकारा
सुप्रीम कोर्ट ने मेनका गांधी को फटकार लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों से जुड़े आदेश पर टिप्पणी के लिए मेनका गांधी को फटकारा

लेखन गजेंद्र
Jan 20, 2026
06:28 pm

क्या है खबर?

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आवारा कुत्तों से जुड़े आदेश पर टिप्पणी करने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता मेनका गांधी को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि श्रीमती गांधी ने न्यायाधीशों के खिलाफ टिप्पणी करके कोर्ट की अवमानना की है, लेकिन वे अपनी उदारता के कारण कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। यह मामला आवारा कुत्तों के मामले पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एनवी अंजारी की पीठ के सामने उठा था।

मामला

क्या है मामला?

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने पिछली सुनवाई में पीठ की कुछ मौखिक टिप्पणियों पर आपत्ति जताई। तभी श्रीमती गांधी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राजू रामचंद्रन ने बीच में दखल देते हुए कहा कि बार और बेंच दोनों का कर्तव्य है कि वे सावधानी बरतें। तभी न्यायमूर्ति नाथ ने रामचंद्रन से कहा कि आप कोर्ट को सतर्क रहने को कह रहे हैं, लेकिन आपने मुवक्किल से पूछा कि उन्होंने कैसी टिप्पणियां की हैं।

बयान

वकील ने कसाब का नाम लिया तो कोर्ट ने सुनाया

न्यायमूर्ति नाथ ने कहा, "क्या आपने उनका पॉडकास्ट सुना है? उन्होंने (मेनका गांधी) कई टिप्पणियां की हैं। आपने उनकी बॉडी लैंग्वेज देखी?" रामचंद्रन ने कहा, "बिल्कुल। अगर मैं अजमल कसाब के लिए पेश हो सकता हूं, तो उनके लिए भी पेश हो सकता हूं।" रामचंद्रन मुंबई 26/11 हमले के आतंकवादी कसाब का प्रतिनिधित्व करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी थे। इस पर न्यायमूर्ति नाथ ने कहा, "कसाब ने अवमानना ​​नहीं की, लेकिन आपके मुवक्किल ने की है।"

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बयान

मेनका गांधी ने क्या कहा था?

पिछले साल, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के सभी आवारा कुत्तों को पकड़ने और उन्हें समर्पित आश्रयों में रखने का निर्देश दिया था, जिससे नाराजगी फैल गई। बाद में मामला 3 न्यायाधीशों की पीठ को सौंपा गया, जिसने पिछले आदेश में संशोधन किया और आवारा कुत्तों को केवल शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, बस-रेलवे स्टेशनों से हटाने को कहा। मेनका गांधी ने फैसले को "अव्यावहारिक" और "अत्यंत विचित्र" बताया और कहा कि फैसला किसी ऐसे व्यक्ति ने दिया है जो "गुस्से में" है।

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