बाबर के नाम पर मस्जिद बनाने पर कोई रोक नहीं? सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज की
क्या है खबर?
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें देश भर में बाबर या 'बाबरी मस्जिद' के नाम पर किसी भी मस्जिद के निर्माण पर रोक लगाने की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील ने इसे वापस लेने की बात कही। याचिका वापस लेने के बाद इसे खारिज किया गया है।
मांग
याचिकाकर्ता ने क्या मांग की थी?
लाइव लॉ के मुताबिक, सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता के वकील ने बाबर को आक्रमणकारी बताते हुए कहा कि उसके नाम पर कोई मस्जिद नहीं बनाई जानी चाहिए और न ही किसी का नामकरण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबर ने हिंदुओं को गुलाम कहा था और ऐसे कार्यों में कथित रूप से शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। याचिका में ऐसे किसी मस्जिद के निर्माण या नामकरण की अनुमति देने से अधिकारियों को रोकने की मांग की गई।
विवाद
पश्चिम बंगाल से खड़ा हुआ विवाद
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व सदस्य हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद के निर्माण की योजना की घोषणा करके विवाद खड़ा कर दिया है। बता दें, नवंबर 2019 में अयोध्या में विवादित जगह पर राममंदिर बनाने की इजाजत देने वाले अपने फैसले में, सुप्रीम कोर्ट ने 1992 में बाबरी मस्जिद को गिराए जाने को कानून का सबसे बड़ा उल्लंघन बताया था। तब बाबरी मस्जिद के स्थान पर मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ जमीन दी गई थी।