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सुप्रीम कोर्ट ने सोमनाथ मंदिर के आसपास मांसाहारी भोजनालयों पर लगा प्रतिबंध हटाने से मना किया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमनाथ मंदिर के पास मांसाहारी भोजनालयों पर लगा प्रतिबंध हटाने से मना किया

सुप्रीम कोर्ट ने सोमनाथ मंदिर के आसपास मांसाहारी भोजनालयों पर लगा प्रतिबंध हटाने से मना किया

लेखन गजेंद्र
Nov 06, 2026
02:26 pm

क्या है खबर?

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को गुजरात हाई कोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार करते हुए सोमनाथ मंदिर के आसपास मांसाहारी भोजनालयों पर लगे प्रतिबंध को हटाने से मना कर दिया। हाई कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी कर सोमनाथ मंदिर के आसपास मांसाहारी खाना बनाने, बेचने और सुरक्षित रखने पर प्रतिबंध लगाया है। न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ ने रेस्टोरेंट मालिकों की दलील पर कहा कि संतुलन बनाए रखने की जरूरत है।

आदेश

कोर्ट में क्या हुआ?

रेस्टोरेंट मालिकों ने कोर्ट में दलील दी कि देश के 80 प्रतिशत लोग मीट खाते हैं और फैसले से कारोबार खत्म हो जाएगा।

इस पर कोर्ट ने कहा, "हमें संतुलन बनाए रखने की ज़रूरत है और इस स्टेज पर हम कुछ नहीं कह सकते।"

फिर भी सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट से कहा कि वह इस मामले में जल्द आखिरी फैसला सुनाए।

हल्के-फुल्के अंदाज में पीठ ने कहा, "दिवाली मिठाई खाकर मनाएं। वेज या नॉन-वेज को एक तरफ रख दें।"

विवाद

क्या है मामला?

गुजरात की एक जिला मजिस्ट्रेट ने 10 अगस्त को एक नोटिफिकेशन जारी कर कुछ खास इलाकों में दुकानों, रेस्टोरेंट, होटलों और सड़क किनारे स्टॉल पर नॉन-वेजिटेरियन खाना बनाने, बेचने और स्टोर करने पर रोक लगा दी गई थी।

इसमें सोमनाथ मंदिर के 500 मीटर के अंदर के सभी इलाके शामिल थे, और 7 खास हिस्सों और इलाकों को कवर किया गया था।

इसके बाद इलाके में रेस्टोरेंट चलाने वाले मालिकों ने हाई कोर्ट में नोटिफिकेशन को चुनौती दी है।

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