46 प्रतिशत लोकसभा और 33 प्रतिशत राज्यसभा सांसदों पर दर्ज हैं आपराधिक मामले
सुप्रीम कोर्ट में दिए गए एक हलफनामे के मुताबिक, लोकसभा के 46 फीसदी और राज्यसभा के 33 फीसदी सांसदों पर आपराधिक मामले चल रहे हैं। इस दस्तावेज में मौजूदा और पूर्व सांसदों के खिलाफ 4,000 से ज़्यादा मामले लंबित हैं। यह बात साफ बताती है कि देश में राजनीति का अपराधीकरण आज भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
सांसदों के लिए विशेष अदालतों की मांग
इनमें से 170 लोकसभा और 40 राज्यसभा सांसदों पर ऐसे गंभीर अपराध दर्ज हैं, जिनमें कम से कम 5 साल की जेल हो सकती है। वहीं, 28 में से 14 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी इस मामले में सबसे आगे हैं, उन पर 89 मामले दर्ज हैं। मामलों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए हलफनामे में सुझाव दिया गया है कि सांसदों के लिए विशेष अदालतें बनाई जाएं और हाई कोर्ट हर महीने इन मामलों की प्रगति पर नज़र रखें।