नेपाल बाढ़ त्रासदी: सुरंग में काम कर रहे भारतीय ने 2 दिन पहाड़ों पर बिताए, अब लौटा घर
26 अगस्त को नेपाल के रासूवा जिले में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। इस बाढ़ में 1,200 से ज्यादा लोगों की जान चली गई और 5,000 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं।
रासूवा में बन रहे 216 मेगावाट के अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में मंडी के ज्ञान सिंह बतौर फोरमैन काम कर रहे थे। वे उन खुशकिस्मत लोगों में से एक थे जो इस भयंकर बाढ़ से अपनी जान बचा पाए। 2 दिन तक फंसे रहने के बाद नेपाली सेना ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
सिंह हवाई मार्ग से 1 सितंबर को भारत आए
ज्ञानन सिंह ने बताया कि बाढ़ आने पर वे और उनके करीब 110 साथी कर्मचारी ऊंची जगह की तरफ भागे, क्योंकि बाढ़ अपने साथ उनके रास्ते में आने वाली हर चीज बहाकर ले जा रही थी।
उन्होंने बताया, "जब हम बाद में कैंप की तरफ लौटे, तो देखा कि वहां कुछ भी नहीं बचा था। हमारे कैंप, गाड़ियां, स्टोर, सब कुछ बह चुका था। वह मंजर बेहद डरावना था... मैंने सुना है कि हमारी कंपनी के करीब 98 लोग अभी भी लापता हैं।"
नेपाली सेना ने उन्हें खाने और मेडिकल मदद के लिए हवाई मार्ग से सुरक्षित जगह पहुंचाया। इसके बाद सिंह कुछ दिन काठमांडू में रहे, और फिर आखिरकार 1 सितंबर को भारत वापस आ गए।