15 साल में 1653 हाथी इंसानी करतूतों के शिकार
एक नई स्टडी के मुताबिक, 2009 से 2024 के बीच भारत में कम से कम 1,653 हाथियों की मौत इंसानी गतिविधियों की वजह से हुई है। इनमें बिजली का झटका लगना मौत का एक बड़ा कारण रहा। कई बार अवैध बिजली की बाडें या असुरक्षित बिजली की लाइनें इनकी जान ले लेती हैं। इसके अलावा ट्रेन हादसे, शिकार, जहर खिलाना, बदले की भावना से की गई हत्याएं और सडकों या इंसानों द्वारा बनाए गए ढांचों से हुए हादसे भी हाथियों की मौत की वजह बने।
शोधकर्ताओं की मांग- बनाए जाएं हाथी गलियारे
जंगल तेजी से घट रहे हैं। उनकी जगह सडकें, खेत और इमारतें बन रही हैं। इसी वजह से हाथियों को इंसानी बस्तियों की ओर आना पड रहा है, खासकर केरल और असम जैसे राज्यों में। इसके चलते इंसानों और हाथियों के बीच खतरनाक टकराव बढ़ रहे हैं। भारत दुनिया के लगभग 60 प्रतिशत जंगली एशियाई हाथियों का घर है, इसलिए रिसर्च करने वालों का मानना है कि इनके आवासों को बचाना और सुरक्षित गलियारे बनाना बेहद जरूरी है। ऐसा करने से ही ये विशाल और प्यारे जीव भविष्य में हमारे साथ रह पाएंगे।