असम में जानलेवा जोखिम उठा कर स्कूल जाते बच्चे, पुल का इंतजार कब तक?
असम के चेंगाजन गोवाला गांव में स्कूल जाने वाले बच्चों के सामने एक बड़ी चुनौती है। उन्हें ललई नदी और बुरी सौती को पार करने के लिए छोटी नावों का ही सहारा लेना पड़ता है। इन नदियों पर कोई स्थायी पुल नहीं है, जिस कारण चेंगाजन कैवर्त एमई स्कूल के छात्रों को रोजाना तेज बहाव और जानलेवा जोखिम का सामना करना पड़ता है।
चेंगाजन गोवाला के निवासियों ने की पक्के पुल की मांग
स्थानीय लोग सालों से नेताओं से एक पक्के पुल की मांग कर रहे हैं। उनकी यह मांग सिर्फ बच्चों के स्कूल जाने के लिए ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सुविधाओं और बाकी ज़रूरी कामों के लिए भी है। एक निवासी ने एक दुखद हादसे का जिक्र किया, जिससे यह बात सामने आती है कि यहां हालात कितने खतरनाक हो सकते हैं। कई बार नावों की कमी के कारण बच्चे या तो स्कूल देर से पहुंचते हैं या फिर बिल्कुल ही नहीं पहुंच पाते। स्थानीय निवासी चंदन माझी ने कहा, "जब बच्चों को छोटी नाव में नदी के पार ले जाया जाता है, तो हमेशा यह डर बना रहता है कि कहीं वे पानी में न गिर जाएं।"