मानसून की दस्तक, पर एल नीनो से मंडराया खतरा! क्या सूखेगी उम्मीद?
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अच्छी खबर है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 20 मई के आसपास अंडमान सागर में तय समय पर पहुंच सकता है। इसके साथ ही उत्तर भारत की ओर मानसून की हर साल की यात्रा भी शुरू हो जाएगी। मौसम विभाग के मुताबिक, केरल में भी 1 जून तक पहली भारी बारिश होने की उम्मीद है, क्योंकि मजबूत हवाएं इसे आगे बढ़ाने में मदद करेंगी।
एल नीनो से भारत में बारिश कम हो सकती है
लेकिन, एक चिंता भी है: प्रशांत महासागर में एल नीनो की स्थिति बन रही है। इससे पूरे भारत में सामान्य से करीब 92 प्रतिशत ही बारिश होने का अनुमान है।
केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों में 14 से 20 मई के बीच कुछ शुरुआती बारिश और तूफान आ सकते हैं। वहीं, पूरे देश के किसान इस मानसून पर गहरी नज़र बनाए हुए हैं। इसका सबसे बड़ा असर देश की फसलों और पानी की आपूर्ति पर पड़ेगा, क्योंकि भारत की 70 प्रतिशत से ज्यादा सालाना बारिश इसी मानसून पर निर्भर करती है।