सोनम वांगचुक ने राष्ट्रपति से लगाई मदद की गुहार, लद्दाख प्रशासन पर लगाया निशाना बनाने का आरोप
जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि लद्दाख प्रशासन उन्हें और उनके जैसे दूसरे आलोचकों को निशाना बना रहा है। यह मामला अगस्त 2025 में उनके हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स लद्दाख (HIAL) के नाम पर मिली जमीन के पट्टे को रद्द किए जाने के बाद सामने आया है। अधिकारियों का कहना है कि यह पट्टा कई वजहों से रद्द किया गया है। इनमें पट्टे के कागजात सही ढंग से तैयार न होना, मूल प्रीमियम तय समय-सीमा में जमा न किया जाना और जमीन का उपयोग उसके तय उद्देश्य के लिए न किया जाना शामिल है।
वांगचुक ने छठी अनुसूची के तहत संरक्षण का हवाला दिया
वांगचुक का मानना है कि यह सारी कार्रवाई इसलिए हो रही है क्योंकि वे लद्दाख को छठी अनुसूची के तहत संरक्षण दिलाने की मांग को लेकर मुखर रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि उपराज्यपाल कार्यालय ने उन्हें ऑनलाइन बदनाम करने की कोशिश की है। उन्होंने अपने वकीलों द्वारा किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन के कुछ अंश भी जारी किए हैं, जिसमें कई अहम खुलासे होने का दावा किया गया है। इसके अलावा वह यह भी बताते हैं कि सोशल मीडिया पर अपनी राय रखने वाले कई लोगों को FIR और गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा है। वे उन नीतियों की भी आलोचना कर रहे हैं जो बड़े कारोबारियों को फायदा पहुंचाती हैं और स्थानीय समुदायों को नजरअंदाज करती हैं।