अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में SIT को बड़े नामों पर शक
अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट में भर्ती और दान प्रबंधन से जुड़ी गड़बड़ियों के आरोपों की जांच SIT कर रही है। मामले में ट्रस्ट के 2 पूर्व वरिष्ठ सदस्यों, चंपत राय और अनिल मिश्रा पर सवालों के बादल मंडरा रहे हैं। इन सवालों के बाद दोनों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। जांच में खास तौर पर यह देखा जा रहा है कि 125 कर्मचारियों की भर्ती कैसे हुई, क्योंकि आरोप है कि ये नियुक्तियां अंदरूनी सिफारिशों के आधार पर की गईं।
अनिल मिश्रा पर नियुक्ति के लिए पैसे लेने का आरोप
पता चला है कि अनिल मिश्रा के रिश्तेदारों, अनुकल्प और लव कुश मिश्रा की भी भर्ती प्रक्रिया में बड़ी भूमिका थी। यह आरोप भी है कि अनिल मिश्रा ने इन नियुक्तियों के लिए पैसे भी लिए थे। इसी कड़ी में, अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि ट्रस्टी पद पर रहते हुए उनकी संपत्ति में कहीं संदिग्ध रूप से बढ़ोतरी तो नहीं हुई। इस जांच के नतीजों का असर भविष्य में राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज के तरीकों पर भी पड़ सकता है।