कोलकाता में असुरक्षित 5 मंजिला इमारतों को गिराया जाएगा, मुख्यमंत्री अधिकारी ने दिए जांच के आदेश
ताराताल में हुए एक गोदाम हादसे के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कोलकाता और आसपास के इलाकों में बनी सभी 5 मंजिला इमारतों की सुरक्षा जांच के आदेश दिए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इन इमारतों में आग से बचाव के नियमों का सही से पालन किया गया है या नहीं, साथ ही उनके पास सभी जरूरी परमिट मौजूद हैं या नहीं।
इमारतों का वर्गीकरण करने के लिए टीम बनाई गई
यह सुरक्षा जांच हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, राजारहाट-न्यूटाउन, बिधाननगर और बाली जैसे इलाकों में किया जाएगा। वरिष्ठ अधिकारी राजेश पांडे की अगुवाई वाली इस टीम में विशेषज्ञ भी शामिल हैं। यह टीम इमारतों को मुख्य रूप से 3 श्रेणियों में वर्गीकृत करेगी। पहली श्रेणी में वे इमारतें होंगी जो पूरी तरह असुरक्षित पाई जाएंगी और उन्हें निरस्त कर दिया जाएगा। दूसरी श्रेणी में ऐसी इमारतें रखी जाएंगी जिनमें सुधार या मरम्मत की आवश्यकता होगी। वहीं, तीसरी श्रेणी में उन इमारतों को रखा जाएगा जो सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह खरी उतरेंगी और उन्हें मंजूरी मिल जाएगी। स्कूल, अस्पताल और सरकारी दफ्तरों को इस जांच से छूट दी गई है। इस कमेटी को अपना काम पूरा करने के लिए 90 दिन का समय दिया गया है। इसके साथ ही निर्माणाधीन व्यावसायिक परियोजनाओं का काम 31 जुलाई तक के लिए रोक दिया गया है, जब तक कि उनका निरीक्षण नहीं हो जाता है।