कर्नाटक में गहराया दोहरा संकट: सूखे के बाद अब बिजली की भी भारी किल्लत, मुख्यमंत्री ने जताई चिंता
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कर्नाटक इस समय एक भयंकर सूखे की चपेट में है और मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने इस स्थिति को लेकर अपनी चिंताएं खुलकर बताई हैं। राज्य में भूजल स्तर तेजी से नीचे चला गया है, फसलें सूख रही हैं और अब पानी तथा बिजली दोनों की कमी का गंभीर खतरा बढ़ गया है। सितंबर के मध्य तक 100 तालुकाओं को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया गया है।
कर्नाटक में बिजली की मांग 19,000 मेगावाट के पार
राज्य में बिजली की खपत 19,000 मेगावाट का आंकड़ा पार कर गई है। इस वजह से कर्नाटक सरकार को ऊंची कीमतों पर अतिरिक्त बिजली खरीदनी पड़ रही है ताकि कमी पूरी हो सके। सरकार थर्मल प्लांटों की क्षमता बढ़ाने जैसे विकल्पों पर विचार कर रही है। इसके साथ ही राष्ट्रीय ग्रिड से भी मदद लेने की योजना है। विधानसभा में सूखे के कारण किसानों को हो रही परेशानियों पर 2 दिनों तक चर्चा होगी।