विदेश मंत्री बोले- पाकिस्तान आतंकवाद का लगातार अभ्यास करने वाला देश, यह दुनिया के लिए चुनौती
क्या है खबर?
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में बोलते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद का लगातार अभ्यास करने वाला देश है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ हमारी शून्य सहिष्णुता की नीति जारी रहेगी और सीमा पार कोई सरकार इसमें शामिल है तो उसे जिम्मेदार ठहराना होगा। जयशंकर ने कहा, "आतंकवाद और दोस्ती साथ नहीं चल सकते। आतंकवाद फैलाने वाले को अपना रवैया बदलना होगा।"
बयान
जयशंकर बोले- आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा का अधिकार इस्तेमाल करेंगे
जयशंकर ने कहा, "कल आतंकवाद के एक कुख्यात अपराधी ने सभा के समक्ष तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया। आतंकवाद को सामान्य ठहराने और इसके परिणामों से मुक्ति का दावा करने के लिए तर्क दिए। यह अस्वीकार्य है। आतंकवाद के विरुद्ध आत्मरक्षा का हमारा अधिकार प्रयोग किया जाएगा। मित्रता और सद्भावना आतंकवाद के साथ नहीं रह सकते और इस पर आधारित समझौतों पर स्वाभाविक रूप से सवाल उठाए जाएंगे। आतंकवाद के अपराधी को अपने तौर-तरीकों में सुधार करना होगा।"
दुनिया
जयशंकर ने कहा- आज दुनिया तबाही के कगार पर खड़ी
जयशंकर ने कहा कि दुनिया हर चीज के 'हथियारीकरण' की ओर बढ़ रही है।
उन्होंने कहा, "वित्त, बाजार पहुंच, आपूर्ति श्रृंखला और प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है, और विकासशील देश खाद्य, ईंधन, उर्वरक और वित्त के संकट में फंसे हुए हैं। अल नीनो से इस संकट के और भी गंभीर होने की आशंका है। दुनिया लगातार खतरों और दबावों के कारण गहरी खाई के कगार पर खड़ी है।"
खाड़ी संघर्ष
वाणिज्यिक जहाजों पर हमले को लेकर क्या बोले विदेश मंत्री?
जयशंकर ने जहाजों और नाविकों पर हमलों को 'बिल्कुल अस्वीकार्य' कहा।
उन्होंने पक्षों से संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा और व्यापार के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, "जहाजों पर हमले लाल सागर से लेकर काला सागर तक फैल चुके हैं और अन्य देशों के साथ-साथ भारतीय नाविकों ने भी जान गंवाई है। भारत ने लाइबेरिया और 23 अन्य साझेदारों के साथ इन हमलों के खिलाफ वैश्विक जनमत जुटाने की पहल में हिस्सा लिया है।"
फिलिस्तीन
भारत ने फिर किया फिलिस्तीन के लिए दो-राज्य सिद्धांत का समर्थन
जयशंकर ने पश्चिम एशिया में स्थायी शांति के लिए दो-राज्य समाधान के लिए भारत के समर्थन को दोहराया और कहा कि भारत फिलिस्तीनी लोगों के लिए मानवीय राहत में योगदान दे रहा है।
यूक्रेन युद्ध पर उन्होंने कहा, "जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है, अंतहीन युद्ध का अंत होना ही चाहिए। भारत शांति स्थापित करने के लिए चल रही पहलों का समर्थन करता है। भारत इस स्थिति को सुधारने के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार है।"