मंदिरों के खजाने पर सेंध: सबरीमाला में सोना गायब, तिरुमाला में करोड़ों की हेराफेरी पर SIT-CID का शिकंजा
केरल के सबरीमाला और आंध्र प्रदेश के तिरुमाला जैसे बड़े मंदिरों में दान के गलत इस्तेमाल को लेकर जांच चल रही है। इन मंदिरों में हर साल करोड़ों रुपये का चढ़ावा आता है, लेकिन मंदिर की संपत्ति का हिसाब-किताब रखने और उसे सुरक्षित रखने में बड़ी लापरवाही बरती गई है। इन गड़बड़ियों के सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। इसी के चलते केरल सरकार ने सबरीमाला मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई है, वहीं तिरुमाला मामले को CID को सौंप दिया गया है।
सबरीमाला में फर्जीवाड़े के आरोप, तिरुमाला में दान का दुरुपयोग
सबरीमाला में 2025 में हुई एक जांच के दौरान 2019 में हुए मरम्मत के काम से जुड़े घोटाले का खुलासा हुआ। इस जांच में पता चला कि 4.5 किलोग्राम सोना गायब है। इसके अलावा, 2025 के ऑडिट में भी रिकॉर्ड्स में भारी गड़बड़ियां मिलीं। इन्हीं सब बातों के आधार पर 7 अधिकारियों और ठेकेदारों पर फर्जीवाड़े का आरोप लगा है।
उधर, तिरुमाला मंदिर में भी एक कर्मचारी ने दान के पैसों का गलत इस्तेमाल किया। उसने चुराए हुए पैसों को रियल एस्टेट में लगा दिया। जब यह मामला सामने आया, तो उस कर्मचारी ने 40 करोड़ रुपये की संपत्ति मंदिर को वापस भी कर दी। हालांकि, एक पत्रकार की अर्जी के बाद इस केस को दोबारा खोला गया।
इसी जांच के बीच एक मुखबिर की संदिग्ध मौत भी हो गई, जिससे यह मामला और ज्यादा गंभीर हो गया है। ये सभी मामले दिखाते हैं कि मंदिर के धन और संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए तुरंत कड़े सुरक्षा नियम बनाने की कितनी जरूरत है।