G-20 के मंच पर बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर- युद्ध ने ऊर्जा सुरक्षा को उलझाया
G-20 के मंच पर अटलांटा में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों को रोकना कितना मुश्किल हो गया है। उन्होंने साफ किया कि ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर की परिभाषा पर देशों के बीच एक राय नहीं बन पाई है। कुछ देश रिफाइनरी और बिजली के ग्रिड को इसका हिस्सा मानते हैं, जबकि कुछ अन्य ईंधन ले जाने वाले जहाजों को भी इसमें शामिल करना जरूरी समझते हैं।
भारत कर रहा काला सागर से अनाज निर्यात फिर से शुरू करने की कोशिश
भारत रूस, यूक्रेन और यूरोप के देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि नागरिक जहाज सुरक्षित रहें और काला सागर से अनाज का निर्यात फिर से शुरू हो सके। ग्लोबल साउथ के कई देशों के लिए यह बेहद जरूरी है, क्योंकि वहां खाने का संकट गहरा सकता है। जयशंकर ने साफ कहा कि अनाज के निर्यात में कमी से इस क्षेत्र के लोगों पर बुरा असर पड़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस टकराव को सुलझाने के लिए सीधे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की है। भारत का मानना है कि ऐसे विवाद सिर्फ कूटनीति से ही सुलझाए जा सकते हैं।