होर्मुज में भारतीय नाविकों पर खतरे को लेकर जयशंकर ने G-20 में दुनिया को घेरा
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों के बाद भारतीय नाविकों के खतरे में आने पर अपनी गहरी चिंता जताई है। G-20 बैठक में बोलते हुए, उन्होंने समुद्री मार्गों को सुरक्षित और खुला रखने के लिए मजबूत कार्रवाई करने की अपील की।
उन्होंने यह बात सामने रखी कि विकासशील देश, जिन्हें वे 'ग्लोबल साउथ' कहते हैं, सबसे ज्यादा नुकसान उठाते हैं जब ईंधन और खाने जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई खतरे में पड़ती है।
जयशंकर ने नाविकों के लिए लाइबेरिया के साथ साझेदारी की घोषणा की
जयशंकर ने नाविकों की सुरक्षा बढ़ाने के मकसद से लाइबेरिया के साथ एक नई साझेदारी की घोषणा की है। इसके साथ ही, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत शिपिंग लेन की सुरक्षा पर भी जोर दिया।
हाल ही में हुए हमलों में 2 टैंकरों को निशाना बनाया गया था, जिनमें 29 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। हालांकि, केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के मुताबिक, सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।
जयशंकर ने इन घटनाओं को विकासशील देशों के सामने आ रही बड़ी आर्थिक चुनौतियों से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी समस्याओं से इन देशों के लिए हालात और मुश्किल हो जाते हैं।