BRICS को जयशंकर का कड़ा संदेश, कहा- दुनिया के झटके झेलने के लिए मजबूत आपूर्ति श्रृंखला ही रास्ता
नई दिल्ली में हुए BRICS बिजनेस फोरम में भारत ने अपने सदस्य देशों से अपील की कि वे आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दें और ऐसी सप्लाई चेन तैयार करें जो हर तरह के झटकों का सामना कर सकें। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि हमें ऐसी आर्थिक व्यवस्थाएं बनानी होंगी जो वैश्विक संकटों का सामना कर सकें और एक-दूसरे से जुड़ी भी रहें। इस कार्यक्रम में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका जैसे BRICS सदस्य देशों के अलावा सऊदी अरब और इंडोनेशिया जैसे देशों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। यह आयोजन आगामी BRICS शिखर सम्मेलन से पहले किया गया था।
जयशंकर और गोयल ने व्यापार में लचीलेपन पर दिया जोर
जयशंकर ने पारदर्शी नियम और भरोसेमंद लॉजिस्टिक्स की वकालत की, ताकि अर्थव्यवस्थाएं तेजी से ढल सकें। उन्होंने बताया कि तकनीक भले ही विकास को गति देती हो, पर यह मानकों और सुरक्षा से जुड़ी नई चुनौतियां भी पैदा करती है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस समय वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था पर काफी दबाव है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने व्यापार को आसान बनाने के लिए बाधाओं को कम करने और स्थानीय मुद्रा में सौदों को बढ़ावा देने के लिए भुगतान प्रणालियों को जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि BRICS देशों के लिए कृषि, तकनीक और फार्मा जैसे क्षेत्रों में सहयोग करने और अपनी वैल्यू चेन को मजबूत करने के बड़े अवसर हैं।