इजराइली फिल्म 'नाजा' ने वेनिस फिल्म फेस्टिवल में रचा इतिहास, 25 मिनट तक गूंजती रहीं तालियां
क्या है खबर?
ऑस्कर विजेता इजराइली फिल्ममेकर युवल अब्राहम और राचेल सोर की डॉक्यूमेंट्री 'नाजा' ने वेनिस फिल्म फेस्टिवल में धूम मचा दी। गाजा में आम फिलिस्तीनियों के साथ हुए दर्दनाक नरसंहार पर बनी इस फिल्म के प्रीमियर पर दर्शकों ने खड़े होकर 25 मिनट तक तालियां बजाईं। पिछले साल की 'द वॉइस ऑफ हिंद रजब' के बाद इस बार 'नाजा' को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया सिनेमा के जरिए दुनिया तक सच्चाई पहुंचाने की असरदार मिसाल बन गई है।
रिकॉर्ड
फिल्म ने बनाया नया रिकॉर्ड
AFP के अनुसार, प्रीमियर पर फिल्म को 25 मिनट का ऐतिहासिक स्टैंडिंग ओवेशन मिला, जो इस फेस्टिवल का नया रिकॉर्ड माना जा रहा है।
स्क्रीनिंग खत्म होने के बाद दर्शकों ने दोनों निर्देशकों के लिए लगातार तालियां बजाईं। इसी के साथ इस फिल्म ने पिछले साल की डॉक्यू-ड्रामा 'द वॉइस ऑफ हिंद रजब' को मिले 23 मिनट की तालियों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया, जो इजराइली सेना द्वारा 5 साल की मासूम बच्ची की हत्या पर बनी थी।
उम्मीद
रेड कार्पेट पर लगे 'फ्री फिलिस्तीन' के नारे
इससे पहले रेड कार्पेट पर जब दोनों फिल्ममेकर युवल अब्राहम और राचेल सोर ऑडिटोरियम की तरफ बढ़ रहे थे, तब वहां मौजूद लोगों ने फ्री फिलिस्तीन और फ्री इजराइल के जोरदार नारे लगाए। इस फिल्म को वेनिस फेस्टिवल के शीर्ष पुरस्कार की मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
बता दें कि पिछले साल भी 'द वॉइस ऑफ हिंद रजब' को भारी समर्थन से मुख्य दावेदार माना गया था, लेकिन जूरी में फूट के कारण उसे दूसरा पुरस्कार ही मिला।
शूटिंग
3 साल तक गुपचुप शूट हुई 'नाजा'
ग्लोबल फिल्म फेस्टिवल्स में स्टैंडिंग ओवेशन से ही किसी फिल्म के प्रभाव का अंदाजा लगाया जाता है।
डॉक्यूमेंट्री 'नाजा' को 3 साल तक तेल अवीव की छतों पर गुपचुप तरीके से शूट किया गया है। इस फिल्म में 24 इजराइली सैन्य अधिकारियों और सैनिकों ने पहली बार कैमरे पर आकर गाजा युद्ध और फिलिस्तीनी नागरिकों के व्यवस्थित नरसंहार की सनसनीखेज सच्चाई उजागर की है।
उनकी पहचान छुपाने के लिए आवाज और चेहरे डिजिटल रूप से बदले गए हैं।