विदेश मंत्री जयशंकर यूक्रेन और पोलैंड के दौरे पर जाएंगे, क्या होगी चर्चा?
क्या है खबर?
विदेश मंत्री एस जयशंकर 3 सितंबर से यूक्रेन और पोलैंड के दौरे पर जा रहे हैं। वे 3-4 सितंबर को इन दोनों देशों के राजकीय दौरे पर होंगे। इस दौरान वे यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा और पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। उनका यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों में भारत की भूमिका को लेकर उम्मीदें बढ़ रही हैं।
दौरा
क्या है दौरे का एजेंडा?
विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना होगा और यह दोनों पक्षों को क्षेत्रीय घटनाक्रम और पारस्परिक हित के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर प्रदान करेगी।
इस दौरान दोनों देशों में द्विपक्षीय संबंधों के साथ क्षेत्रीय घटनाक्रम और शांति प्रयासों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
जानकारों ने कहा कि भारत तेजी से बदलते क्षेत्रीय घटनाक्रम के बीच प्रमुख यूरोपीय साझेदारों के साथ संबंधों को मजबूत करना चाहता है।
यूक्रेन
यूक्रेन ने कहा था- साझा हित को ठोस कदमों में बदलने के लिए तत्पर
हाल ही में यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रथम उप प्रमुख सर्गी किस्लित्स्या ने भारतीय राजदूत अंजनी कुमार से मुलाकात की थी। इस दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों में भारत की भूमिका पर चर्चा हुई थी।
किस्लित्स्या ने बताया था कि बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को दिए हालिया संदेश पर भी विचार हुआ था।
उन्होंने कहा था, "यूक्रेन शांति की साझा इच्छा को ठोस कदमों में बदलने की उम्मीद करता है।"
प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन से की थी शांति की अपील
किर्गिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन के साथ हुई बैठक में कहा था कि युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे ले जाता है और महात्मा गांधी और गौतम बुद्ध की धरती भारत शांति की दिशा में किये जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है और करता रहेगा।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति पुतिन से कहा था कि वह 'अंतहीन युद्ध को समाप्त करने' की ओर बढ़ें।
पोलैंड
क्यों अहम है पोलैंड यात्रा?
20 अगस्त को भारत में पोलैंड के राजदूत पियोत्र एंटोनी स्वितल्स्की ने कहा था कि पोलैंड के प्रधानमंत्री की भारत की संभावित यात्रा व्यापारिक साझेदारों और हितधारकों को एक मजबूत संकेत देगी कि दोनों देशों के बीच सहयोग को हरी झंडी मिल गई है।
उन्होंने कहा था, "हम उनकी यात्रा के बेहद पक्षधर हैं। यह हमारे राजनीतिक संवाद की निरंतरता है। मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री तुस्क की यह भारत की तीसरी यात्रा होगी। उन्हें भारत आना बहुत पसंद है।"