LOADING...
एस जयशंकर की पोलैंड से दो टूक, कहा- हमारे पड़ोस में आतंकवाद को बढ़ावा न दें
एस जयशंकर ने पोलैंड के उपप्रधानमंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की से मुलाकात की (तस्वीर: एक्स/@DrSJaishankar)

एस जयशंकर की पोलैंड से दो टूक, कहा- हमारे पड़ोस में आतंकवाद को बढ़ावा न दें

लेखन गजेंद्र
Jan 19, 2026
04:57 pm

क्या है खबर?

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। इस दौरान अपने शुरुआती संबोधन में उन्होंने वैश्विक जांच, आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर भारत की चिंताओं को उठाया। जयशंकर ने पोलैंड से आतंकवाद पर 'शून्य सहिष्णुता' दिखाने और पाकिस्तान का समर्थन न करने की अपील की। उन्होंने भारत को रूस-यूक्रेन युद्ध में टैरिफ के रूप में बेवजह निशाना बनाए जाने पर भी चिंता जताई।

बयान

जयशंकर भारत को टैरिफ के रूप में निशाना बनाए जाने पर क्या कहा?

बैठक में जयशंकर ने यूक्रेन युद्ध के बीच नई दिल्ली द्वारा रूस से आयातित तेल पर लगाए गए टैरिफ को लेकर भारत की ओर से अन्यायपूर्ण और निशाना बनाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, "पिछले सितंबर में न्यूयॉर्क और इस जनवरी में पेरिस में, मैंने यूक्रेन संघर्ष और इसके प्रभावों पर अपने विचार आपके साथ खुलकर साझा किए हैं। मैंने बार-बार जोर दिया है कि भारत को चुनिंदा रूप से निशाना बनाना अनुचित-अन्यायपूर्ण है। मैं आज फिर ऐसा करता हूं।"

आतंकवाद

पाकिस्तान के समर्थन को लेकर क्या बोले जयशंकर?

जयशंकर ने सिकोरस्की के समक्ष पाकिस्तान में फल-फूल रहे आतंकवाद की जानकारी देते हुए कहा, "आप हमारे क्षेत्र से अनजान नहीं और निश्चित रूप से सीमा पार आतंकवाद की लंबे समय से चली आ रही चुनौती से परिचित हैं। मुझे उम्मीद है कि इस बैठक में हम क्षेत्र की आपकी हाल की कुछ यात्राओं पर चर्चा करेंगे। पोलैंड को आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता दिखाना चाहिए और हमारे पड़ोस में आतंकवादी ढांचे को बढ़ावा देने में मदद नहीं करनी चाहिए।"

Advertisement

जवाब

पोलैंड के उपप्रधानमंत्री ने क्या दिया जवाब?

जयशंकर ने पोलिश मंत्री के सामने पाकिस्तान का मुद्दा इसलिए उठाया क्योंकि पिछले साल अक्टूबर में सिकोरस्की की पड़ोसी देश की यात्रा के दौरान पोलैंड ने पाकिस्तान के साथ संयुक्त बयान में कश्मीर मुद्दे को उठाया था। हालांकि, जयशंकर की टिप्पणी के बाद सिकोरस्की ने कहा कि पोलैंड भी आगजनी और राज्य आतंकवाद के प्रयासों का शिकार रहा है। टैरिफ मुद्दे पर सिकोरस्की बोले, "बेशक, चयनात्मक लक्ष्यीकरण केवल शुल्क तक सीमित नहीं। चयनात्मक लक्ष्यीकरण के अन्य रूप भी रहे हैं।"

Advertisement

बैठक

पोलैंड में इन विषयों पर होगी चर्चा

जयशंकर की पोलैंड यात्रा के दौरान व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, स्वच्छ प्रौद्योगिकियों और डिजिटल नवाचार में सहयोग के अलावा पाकिस्तान आतंकवाद और टैरिफ पर भी चर्चा होगी। बता दें कि पोलैंड मध्य यूरोप में भारत के सबसे बड़े व्यापारिक भागीदारों में से एक है। भारत-पोलैंड का द्विपक्षीय व्यापार 7 अरब डॉलर (करीब 636 अरब रुपये) है, जिसने पिछले दशक में लगभग 200 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। पोलैंड में भारतीय निवेश भी बढ़ गया है।

Advertisement