भारत-EU संबंध: जयशंकर ने बेल्जियम से दिखाए ऐतिहासिक मौके, व्यापार-तकनीक में नई उड़ान
विदेश मंत्री एस जयशंकर 14-15 जुलाई को यूरोपियन यूनियन (EU) के साथ अहम बातचीत के लिए बेल्जियम पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और जितिन प्रसाद भी थे। इन बैठकों का मुख्य मकसद व्यापार बढ़ाना, तकनीकी साझेदारी को मजबूत करना और भारत-यूरोप के बीच सप्लाई चेन को और भी पुख्ता बनाना था।
हिंद-प्रशांत समुद्री सुरक्षा पर EU और भारत की चर्चा
जयशंकर ने पुर्तगाल के प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा और एस्टोनिया की विदेश मंत्री काजा कालस सहित कई प्रमुख EU नेताओं से बातचीत की। इन मुलाकातों में क्षेत्रीय स्थिरता, समुद्री सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मिलकर काम करने पर गहरी चर्चा हुई। काजा कालस ने 2026 को EU-भारत संबंधों के लिए एक 'ऐतिहासिक साल' बताया। उन्होंने नौसैनिक ऑपरेशन्स में नए सहयोग और समुद्री रास्तों को खुला रखने पर विशेष जोर दिया। वहीं, जयशंकर ने भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते से मिलने वाले नए कारोबारी अवसरों की भी बात की।