रूस ने पेश किया 'सुपर सुखोई' का महाप्रस्ताव, भारत के Su-30MKI बनेंगे और भी घातक
रूस ने भारत को एक बड़ा प्रस्ताव दिया है। इसके तहत, वह भारत के Su-30MKI लड़ाकू विमानों में उन्नत इजडेलिये 177S इंजन लगाने की बात कर रहा है। करीब 11 अरब डॉलर के इस प्रोजेक्ट को 'सुपर सुखोई' अपग्रेड नाम दिया गया है।
इस योजना में लगभग 260 लड़ाकू विमानों को आधुनिक बनाया जाएगा। शुरुआत में, 84 विमानों में नए रडार, एवियोनिक्स और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध तकनीक लगाई जाएगी, जिससे ये जेट और भी स्मार्ट और कुशल हो जाएंगे।
इजडेलिये 177S: 14.5-टन थ्रस्ट, आसान एकीकरण
इजडेलिये 177S इंजन में 14.5 टन का जबरदस्त थ्रस्ट है। यह मौजूदा इंजनों से ज्यादा शक्तिशाली है और 6,000 घंटे तक लंबे समय तक काम कर सकता है। साथ ही, यह कम ईंधन भी खाता है।
अच्छी बात यह है कि इसका आकार और वजन मौजूदा इंजनों जितना ही है, जिससे इसे विमानों में फिट करना या इसका एकीकरण करना काफी सरल हो जाएगा।
Su-57 को-बिल्ड और S-400/S-500 की पेशकश
रूस ने सिर्फ इंजनों तक ही अपनी पेशकश सीमित नहीं रखी है। उन्होंने भारत के साथ मिलकर अगली पीढ़ी के Su-57 लड़ाकू विमान बनाने की भी पेशकश की है।
इतना ही नहीं, रूस ने अतिरिक्त S-400 और S-500 एयर डिफेंस सिस्टम देने की बात कही है। साथ ही, S-400 की मरम्मत के लिए भारत में ही स्थानीय रखरखाव सुविधा बनाने का भी प्रस्ताव रखा है। इन सभी कदमों का मकसद भारत के अपने AMCA प्रोग्राम के साथ-साथ भारतीय वायुसेना को और ज्यादा ताकतवर बनाना है। AMCA प्रोग्राम की पहली उड़ान करीब 2029-30 तक होने की उम्मीद है।