वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम पर प्रोफेसर से 61 लाख रुपये की ठगी
बेंगलुरु की एक रिटायर्ड प्रोफेसर 61 लाख रुपये की धोखाधड़ी का शिकार हो गईं। उन्हें यह ठगी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के एक डीपफेक वीडियो दिखाकर की गई। धोखाधड़ी की शुरुआत तब हुई जब प्रोफेसर ने फेसबुक पर bxbmarket.com नाम की एक इन्वेस्टमेंट वेबसाइट का विज्ञापन देखा। यह वेबसाइट बड़े मुनाफे का वादा कर रही थी। विज्ञापन पर क्लिक करते ही उन्होंने उस वेबसाइट पर अपना पंजीकरण करा लिया। रजिस्ट्रेशन करते ही उन्हें एक मैसेज मिला। मैसेज भेजने वाले ने खुद को 'अभिषेक' बताया और कहा कि वह ब्रिटेन से है। अभिषेक ने प्रोफेसर को नकली KYC प्रक्रिया के बारे में समझाया और उन्हें निवेश करने के लिए राजी कर लिया।
प्रोफेसर ने 65 लाख ट्रांसफर किए
ठगों ने प्रोफेसर का भरोसा जीतने के लिए उन्हें 3.9 लाख रुपये 'मुनाफे' के तौर पर भेजे। इतना ही नहीं, वेबसाइट पर भी उनके निवेश से 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का नकली मुनाफा दिखाया गया। इन फर्जी आंकड़ों के झांसे में आकर प्रोफेसर ने कुल 65 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों और UPI आईडी पर ट्रांसफर कर दिए। जब प्रोफेसर ने अपना पैसा निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने उनसे टैक्स और फीस के नाम पर और पैसे मांगे। जैसे ही प्रोफेसर ने वो रकम भेजी, जालसाजों ने उनसे पूरी तरह संपर्क तोड़ लिया।
साइबर एक्सपर्ट्स ने डीपफेक से सावधान रहने की सलाह दी
प्रोफेसर ने इस धोखाधड़ी की शिकायत जून में राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन पर दर्ज कराई। इस घटना के बाद, पुलिस और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म्स की अच्छी तरह जांच-पड़ताल करें। साथ ही, उन्होंने डीपफेक स्कैम से सावधान रहने को भी कहा है, जो हर दिन और भी चालाकी से अंजाम दिए जा रहे हैं।