दुनियाभर में विंडोज की पकड़ कमजोर, पहली बार 60 प्रतिशत से नीचे आया बाजार हिस्सा
क्या है खबर?
दुनिया के सबसे लोकप्रिय डेस्कटॉप ऑपरेटिंग सिस्टम विंडोज की बाजार में पकड़ अब पहले जैसी मजबूत नहीं रही है। वेब ट्रैकिंग सर्विस स्टैटकाउंटर की नई रिपोर्ट के मुताबिक, पहली बार विंडोज का वैश्विक डेस्कटॉप बाजार हिस्सा 60 प्रतिशत से नीचे आ गया है। जून महीने में यह घटकर 56.55 प्रतिशत दर्ज किया गया। इससे पहले लंबे समय तक विंडोज की हिस्सेदारी 60 से 70 प्रतिशत के बीच बनी हुई थी।
मैक
मैकOS और लिनक्स की हिस्सेदारी बढ़ी
रिपोर्ट के अनुसार, ऐपल का मैकOS और लिनक्स धीरे-धीरे अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। हालांकि, आंकड़ों में करीब 21.45 प्रतिशत हिस्सा ऐसे ऑपरेटिंग सिस्टम का भी है, जिसकी पहचान नहीं हो सकी। माना जा रहा है कि इसकी वजह गोपनीयता सेटिंग, कुछ अनजान सिस्टम या अन्य तकनीकी कारण हो सकते हैं। ऐसे में यह भी संभावना है कि विंडोज की वास्तविक हिस्सेदारी रिपोर्ट में दिख रहे आंकड़ों से कुछ अधिक हो।
सुधार
माइक्रोसॉफ्ट अब सुधार पर दे रहा जोर
हाल के समय में कई यूजर्स ने विंडोज में बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फीचर्स को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि कंपनी को पहले प्रदर्शन और स्थिरता पर अधिक ध्यान देना चाहिए। इसी को देखते हुए माइक्रोसॉफ्ट अब विंडोज 11 के आने वाले अपडेट में प्रदर्शन सुधार, गुणवत्ता बढ़ाने और मुख्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दे रहा है, ताकि यूजर्स को पहले से अधिक सहज और भरोसेमंद अनुभव मिल सके।
मोबाइल
मोबाइल प्लेटफॉर्म पर एंड्रॉयड सबसे आगे
इस गिरावट के बावजूद डेस्कटॉप कंप्यूटर बाजार में विंडोज अभी भी सबसे बड़ा ऑपरेटिंग सिस्टम बना हुआ है, लेकिन सभी प्लेटफॉर्म को मिलाकर स्थिति अलग है। स्टैटकाउंटर के अनुसार, स्मार्टफोन और टैबलेट के बढ़ते इस्तेमाल के कारण एंड्रॉयड सबसे आगे बना हुआ है। जून महीने में एंड्रॉयड का बाजार हिस्सा लगभग 36 प्रतिशत रहा, जबकि विंडोज का हिस्सा करीब 27 प्रतिशत दर्ज किया गया। इससे मोबाइल प्लेटफॉर्म की बढ़ती लोकप्रियता भी साफ दिखाई देती है।