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गणतंत्र दिवस 2026 परेड की हुई शुरुआत, भारतीय सैन्य शक्ति का प्रदर्शन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने झंडा फहराकर की गणतंत्र दिवस परेड की शुरुआत

गणतंत्र दिवस 2026 परेड की हुई शुरुआत, भारतीय सैन्य शक्ति का प्रदर्शन

Jan 26, 2026
10:42 am

क्या है खबर?

देश आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुबह साढ़े 10 बजे कर्तव्य पथ पर मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की मौजूदगी में झंडा फहराया। इस साल समारोह का मुख्य विषय राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होना है, लेकिन झांकियों का विषय 'स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम' और 'समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत' रखा गया है।

ट्विटर पोस्ट

यहां देखें राष्ट्रपति के झंडा फहराने का वीडियो

सलामी

राष्ट्रपति को दी गई 21 तोपों की सलामी

प्रधानमंत्री के बाद राष्ट्रपति मुर्मू, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला लेयेन 'पारंपरिक बग्गी' में पहुंचे। राष्ट्रपति के साथ उनके अंगरक्षक भी थे। राष्ट्रपति मुर्मू के राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद राष्ट्रगान हुआ। उसके बाद 172 फील्ड रेजिमेंट की 1721 सेरेमोनियल बैटरी ने स्वदेशी तोप 105-MA इंडियन फील्ड गन के साथ राष्ट्रपति और मुख्य अतिथि को 21 तोपों की सलामी दी गई। इससे पूरा कर्तव्य पथ तोपों के धमाकों से गूंज उठा।

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खासियत

परेड में क्या है खास?

इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में वायुसेना सभी औपचारिक कार्यक्रमों का संचालन कर रही है। परेड में भारतीय सेना पहली बार चरणबद्ध युद्ध संरचना का प्रदर्शन करने जा रही है। जिस तरह युद्ध में सैनिक संरचना होती है, ठीक वैसे संरचना कर्तव्य पथ पर दिखाई देगी। भैरव कमांडो बटालियन और कई रेजिमेंटल टुकड़ियां पहली बार प्रस्तुति दे रही हैं। भारतीय नौसेना और वायुसेना ने 144 सदस्यीय परेड टुकड़ियां उतारी है। यूरोपीय संघ की एक अलग टुकड़ी भी है।

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ऑपरेशन सिंदूर

कर्तव्य पथ पर 'ऑपरेशन सिंदूर' का झंडा लेकर उड़ा ध्रुव हेलिकॉप्टर

कर्तव्य पथ के ऊपर प्रहार फॉर्मेशन में उड़ान भरी गई, जिसमें भारतीय सेना का एक ध्रुव एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर 'ऑपरेशन सिंदूर' का झंडा लेकर उड़ा। इसके साथ भारतीय सेना का 'रुद्र' ALH-WSI और भारतीय वायुसेना का ALH मार्क-IV हेलिकॉप्टर भी शामिल था। राजपूत रेजिमेंट ने भी कर्तव्य पथ पर मार्च किया और ड्रोन वॉरफेयर और सूर्यास्त्र की झलक भी दिखी। ये वो हथियार हैं जिनका इस्तेमाल 'ऑपरेशन सिंदूर' में किया गया था।

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यहां देखें वीडियो

टुकड़ियां

सेना की कौन-कौनसी टुकड़ियां शामिल?

परेड में मिश्रित स्काउट्स दल में अरुणाचल स्काउट्स, लद्दाख स्काउट्स, सिक्किम स्काउट्स, गढ़वाल स्काउट्स, कुमाऊं स्काउट्स और डोगरा स्काउट्स के सैनिक शामिल हैं। राजपूत रेजिमेंट दल, असम रेजिमेंट दल, जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री दल और तोपखाना दल रेजिमेंट शामिल हुई है। राजपूत रेजिमेंट का गठन 1778 में ब्रिटिश भारतीय सेना के अंतर्गत हुआ था। ये सबसे पुरानी पैदल सेना रेजिमेंटों में से एक है। पूर्वी सीमा की रक्षा के लिए 1941 में असम रेजिमेंट का गठन किया गया था।

नौसेना

कैसा है नौसेना का दल?

नौसेना के 144 नौसैनिकों के दल का नेतृत्व लेफ्टिनेंट करण नाग्याल कर रहे हैं। यह दल नौसेना की बढ़ती मानव संसाधन क्षमता और राष्ट्रीय पहलों के साथ उसके संयुक्त प्रयासों को प्रदर्शित करेगा। झांकी में 5वीं शताब्दी ईस्वी के सिलाई किए गए जहाजों से लेकर मराठा नौसेना के गुरब पोत, INS विक्रांत, कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियां और GSAT-7R उपग्रह जैसे आधुनिक स्वदेशी प्लेटफार्मों तक समुद्री इतिहास का चित्रण शामिल होगा। सी कैडेट कोर के कैडेट भी झांकी में शामिल हैं।

सुरक्षा

परेड के लिए किए गए सुरक्षा के कड़े इंतजाम

परेड की सुरक्षा में इस बार 30,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और अर्द्धसैनिक बलों की 70 से अधिक कंपनियों को तैनात किया गया है। एजेंसियों ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) से लैस स्मार्ट ग्लासेस का इस्तेमाल किया। ये स्मार्ट ग्लासेस भीड़भाड़ वाले इलाकों में चेहरों को स्कैन कर उनका मिलान पुलिस डेटाबेस से करने में सक्षम हैं। इसी तरह दिल्ली के मुख्य रास्तों और परेड रूट पर फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) से जुड़े 1,000 से ज्यादा CCTV कैमरे लगाए गए।

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