गणतंत्र दिवस 2026: परेड में दिखी 'ऑपरेशन सिंदूर' की झलक, जानिए और क्या रहा खास
क्या है खबर?
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस की परेड और समारोह में भारतीय सेनाओं की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' की झलक देखने को मिली। यह ऑपरेशन एक नए भारत की शुरुआत का प्रतीक है, जो आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता रखता है और दुश्मन की देश विरोधी कार्रवाई का मुंह तोड़ जवाब देता है। गणतंत्र दिवस परेड में इसका प्रदर्शन 'आत्मनिर्भरत भारत' की यात्रा में एक मील का पत्थर है।
हेलीकॉप्टर
कर्तव्य पथ पर 'ऑपरेशन सिंदूर' का झंडा लेकर उड़ा ध्रुव हेलिकॉप्टर
कर्तव्य पथ के ऊपर प्रहार फॉर्मेशन में उड़ान भरी गई, जिसमें भारतीय सेना का एक ध्रुव एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर 'ऑपरेशन सिंदूर' का झंडा लेकर उड़ा। इसके साथ भारतीय सेना का 'रुद्र' ALH-WSI और भारतीय वायुसेना का ALH मार्क-IV हेलिकॉप्टर भी शामिल था। राजपूत रेजिमेंट ने भी कर्तव्य पथ पर मार्च किया और ड्रोन वॉरफेयर और सूर्यास्त्र की झलक भी दिखी। ये वो हथियार हैं जिनका इस्तेमाल 'ऑपरेशन सिंदूर' में किया गया था।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें वीडियो
VIDEO | At the 77th Republic Day 2026 parade on Kartavya Path, the Indian Armed Forces presented a powerful Tri-services tableau titled "Operation Sindoor: Victory Through Jointness", symbolising strength, unity, and the guarding of national sovereignty through transformed… pic.twitter.com/FHdqqDaKF2
— Press Trust of India (@PTI_News) January 26, 2026
संरचना
जंग के मैदान जैसी दिखी परेड की संरचना
पहली बार भारतीय सेना ने गणतंत्र दिवस की परेड में अपनी सैन्य टुकड़ियों को उसी क्रम में कर्तव्य पथ पर उतारा, जिस क्रम में वे वास्तविक युद्ध के मैदान में तैनात होती हैं। सेना की इस नई व्यूह-रचना में भैरव बटालियन, अलग-अलग स्कॉउट्स यूनिट्स, इन्फैंट्री, मैकेनाइज्ड और आर्मर्ड कॉलम उसी क्रम में आगे बढ़ें, जिस क्रम में उन्हें किसी वास्तविक युद्ध में तैनात किया जाता है। इसके बाद तोपखाना, रॉकेट सिस्टम और मिसाइल यूनिट्स कर्तव्य पथ पर दिखें।
वेशभूषा
पहली बार कॉम्बैट वेशभूषा में घुड़सवार टुकड़ी
गणतंत्र दिवस परेड में शामिल सेना के तीनों अंग थलसेना, वायुसेना और नौसेना के सैनिक सेरेमोनियल अंदाज से हटकर इस बार वास्तविक कॉम्बैट वेशभूषा में नजर आए। सेना की प्रतिष्ठित कैवलरी यानी घुड़सवार टुकड़ी भी इस बार एक नए रूप में दिखाई दी। परंपरागत शाही और सेरेमोनियल वर्दी के बजाय घुड़सवार सैनिक पहली बार कॉम्बैट वेशभूषा में नजर आएं। यह बदलाव सेना की बदलती भूमिका और आधुनिक युद्ध रणनीति का प्रतीक माना जा रहा है।
ड्रोन
ड्रोन तकनीक की झलक भी आई नजर
परेड में 'ऑपरेशन सिंदूर' में अहम भूमिका निभाने वाली ड्रोन तकनीक और वायु रक्षा प्रणाली का भी प्रदर्शन किया गया। इस ड्रोन तकनीक ने ऑपरेशन में निर्णायक भूमिका निभाई थी। परेड में एक विशेष ग्लास बॉडी वाली बस को शामिल किया गया, जो ड्रोन निर्माण और मरम्मत की मोबाइल वर्कशॉप है। युद्ध की स्थिति में इस बस को सीधे रणभूमि में ले जाया जा सकता है, जहां सैनिक ड्रोन की मरम्मत के साथ नए ड्रोन भी तैयार कर सकते हैं।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें ग्लास बॉडी वाली बस का वीडियो
VIDEO | Republic Day 2026: Drone Shakti and Integrated Operation Centre, commemorating victory during Operation Sindoor, displayed over Kartavya Path during the Republic Day parade.
— Press Trust of India (@PTI_News) January 26, 2026
(Source: Third Party)
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/lVP7O48ToQ
आकर्षण
आकाश और MRSAM मिसाइलें बनी आकर्षण का केंद्र
परेड में आकाश मिसाइल सिस्टम और MRSAM (मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल) को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान आकाश मिसाइल ने पाकिस्तान के ड्रोन को मार गिराया था। वहीं MRSAM ने सिरसा एयरबेस के पास पाकिस्तान की फतेह मिसाइल को आसमान में ही नष्ट कर दिया था। 'ऑपरेशन सिंदूर' से जुड़ी एक विशेष झांकी को भी परेड का हिस्सा बनाया गया। पहली बार T-90 भीष्म और अर्जुन मेन बैटल टैंक भी नजर आए।
झांकियां
झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम का संदेश
परेड में कुल 30 झांकियां प्रदर्शित की गई। इनमें 17 राज्यों की और 13 मंत्रालयों/विभागों/सेवाओं की रहीं। इन झांकियों में 'स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम और समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत' की झलक दिखाई दी। इसी तरह सांस्कृतिक कार्यक्रमों में 2,500 कलाकारों ने हिस्सा लिया। इस भव्य प्रस्तुति का संगीत प्रसिद्ध संगीतकार एमएम कीरवानी ने तैयार किया है, जबकि इसकी कमेंटरी बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर ने की। परेड में भारत की सैन्य शक्ति, तकनीकी आत्मनिर्भरता का जीवंत प्रदर्शन नजर आया।