150 साल बाद अरुणाचल में फिर दिखा 'लापता' बैंगनी फूल, वैज्ञानिक हुए खुश
एक दुर्लभ बैंगनी फूल, जो साल 1868 के बाद से वैज्ञानिकों की जानकारी में नहीं था, उसे अब अरुणाचल प्रदेश के दूरस्थ पहाड़ी इलाकों में फिर से देखा गया है। यह रोमांचक खोज हाल ही में वनस्पतिक सर्वेक्षण के दौरान हुई है। यह दर्शाता है कि पूर्वी हिमालय में, जो दुनिया के सबसे समृद्ध लेकिन कम खोजे गए जैव विविधता वाले क्षेत्रों में से एक है, अभी भी बहुत कुछ अनमोल छिपा हुआ है। वैज्ञानिक इसे एक बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि इससे इस क्षेत्र के अनूठे पौधों की और खोजबीन को बढ़ावा मिलेगा।
वैज्ञानिकों को और शोध और सुरक्षा की उम्मीद
यह फूल इतने लंबे समय से गायब था, इसका मुख्य कारण दुर्गम रास्ते और कम सर्वेक्षण थे। ऐसे में इसका फिर से मिलना अरुणाचल प्रदेश के पारिस्थितिकी तंत्र की नाजुकता और अहमियत को फिर से सामने लाता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह पुनर्खोज, शोध और संरक्षण के प्रयासों को गति देगी, जिससे शायद इन जंगली घास के मैदानों और घाटियों में और भी दुर्लभ पौधे खोजे जा सकें।