पश्चिम बंगाल में UCC का महामंथन शुरू: पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज करेंगे 9 सदस्यीय पैनल की अगुवाई
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (UCC) पर गहराई से विचार करने के लिए 9 सदस्यीय समिति बनाई है। इस समिति की कमान पूर्व सुप्रीम कोर्ट जस्टिस रंजन प्रकाश देसाई को सौंपी गई है। UCC का मकसद विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मामलों के लिए नियमों का एक समान सेट बनाना है। यह उन कानूनों की जगह लेगा जो धर्म के आधार पर अलग-अलग हैं, लेकिन इसके साथ ही यह आदिवासी समुदायों के अधिकारों को भी सुरक्षित रखेगा।
पश्चिम बंगाल पैनल असम के मॉडल का अध्ययन करेगा
इस 9 सदस्यीय समिति में पूर्व मेघालय राज्यपाल तथगत राय के साथ-साथ वर्तमान और सेवानिवृत्त IAS अधिकारी, कानूनी विशेषज्ञ और शिक्षाविद भी शामिल हैं। अगस्त में होने वाले विधानसभा सत्र में विधेयक पेश करने से पहले, यह समिति अन्य राज्यों, खासकर असम के UCC के मॉडल की बारीकी से जांच करेगी। सरकार मानती है कि UCC जैसा जटिल विषय होने के कारण विशेषज्ञों की राय लेना बेहद जरूरी है। यह कदम मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के उस वादे के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने सत्ता में आने के छह महीने के भीतर राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की बात कही थी।