प्रयागराज में गंगा-यमुना उफान पर; प्रशासन ने कसी कमर, 100 से अधिक गांव चिंहित
प्रयागराज में हो रही लगातार बारिश ने गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर बढ़ा दिया है। उम्मीद है कि ऊपरी बैराजों से भी जल्द ही भारी मात्रा में पानी छोड़ा जाएगा। हालांकि, नदियां अभी खतरे के निशान से 2 मीटर नीचे हैं, फिर भी पानी का लगातार बदलता स्तर और सहायक नदियों में बढ़ते पानी से लोग बेचैन हो रहे हैं।
प्रयागराज: 93 कैंपों में 100 से ज्यादा लोग
दारागंज और गंगा नगर जैसे कुछ इलाकों में बाढ़ का पानी घुसना शुरू हो गया है। जिले के प्रशासन ने 93 राहत कैंप बनाए हैं, जहां 100 से भी ज्यादा लोग आकर रुक गए हैं।
आपदा प्रतिक्रिया दल, सशस्त्र पुलिस और जल पुलिस को पूरी तरह से तैयार रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि अभी तटबंध सुरक्षित हैं, लेकिन वे स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि हालात कभी भी तेजी से बदल सकते हैं।
अधिकारियों ने 102 बाढ़ प्रभावित गांवों की पहचान की
प्रशासन ने जिले भर में 102 ऐसे गांवों को चिन्हित किया है, जहां बाढ़ का खतरा ज्यादा है। साथ ही, 88 राहत चौकियां भी तैयार रखी गई हैं। जरुरत पड़ने पर मदद के लिए अतिरिक्त टीमें भी पूरी तरह तैयार हैं। भले ही सभी लोग उम्मीद कर रहे हैं कि सब ठीक रहे, लेकिन प्रशासन ने बुरे हालात से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली है।