2026 में गुरुदेव टैगोर की 165वीं जयंती 2 दिन मनेगी, जानें क्यों
साल 2026 में रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती 2 अलग-अलग दिनों पर मनाई जाएगी – 7 मई और 9 मई को। ऐसा कैलेंडर में कुछ बदलाव के कारण हो रहा है।
दरअसल, उनकी असली जन्मतिथि 7 मई है, लेकिन बंगाली परंपरा के अनुसार, 'पचीस बैसाख' को उनकी जयंती मनाई जाती है, और 2026 में यह तारीख 9 मई को पड़ रही है। इसी वजह से उनकी जयंती का जश्न दोनों ही दिन देखने को मिलेगा।
पचीस बैसाख में कविता, संगीत और कला
7 मई को गुरुदेव टैगोर की वैश्विक पहचान और दुनिया भर में उनके योगदान को याद किया जाएगा। वहीं, 9 मई को बंगाली समुदाय अपने पसंदीदा कवि के काम के प्रति अपने गहरे जुड़ाव को दर्शाएगा।
'पचीस बैसाख' के मौके पर पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और बांग्लादेश में लोग कविता पाठ, संगीत के कार्यक्रम और कला प्रदर्शन के जरिए उन्हें श्रद्धापूर्वक याद करते हैं। वे उस महान शख्सियत का सम्मान करते हैं, जिन्होंने बंगाली संस्कृति को हमेशा के लिए एक नया आयाम दिया। टैगोर एशिया के पहले नोबेल विजेता भी थे।