जामिया 'चुनाव' संग्राम: छात्रों की भूख हड़ताल जारी, परिसर में तनाव
जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र पिछले 17 दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग है कि यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनावों की तारीख जल्द तय करे, जो साल 2006 के बाद से नहीं हुए हैं।
वहीं, प्रशासन का कहना है कि छात्र संघ के संविधान को मंजूरी मिलते ही 15 दिनों के अंदर चुनाव करा दिए जाएंगे। इस बीच, अधिकारियों ने दावा किया है कि बुधवार को प्रदर्शनकारियों ने जबरन कैंपस में घुसकर यूनिवर्सिटी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। हालांकि, इस घटना को लेकर क्या कार्रवाई की जा रही है, इस बारे में उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी है।
जामिया के छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर
इन मांगों के समर्थन में 4 छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। पैरा-मिलिट्री जवानों के साथ हुई झड़प के बाद सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी गई है।
मौजूदा हालात को देखते हुए यूनिवर्सिटी ने सुरक्षा के मद्देनजर ऑनलाइन कक्षाएं लगाने का फैसला किया है। विभिन्न समूहों के समर्थक छात्रों और प्रशासन के बीच सीधी बातचीत की मांग उठा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की गई है। इनमें कांग्रेस के सांसद भी शामिल हैं, जिन पर आरोप है कि उन्होंने बिना इजाजत कैंपस में प्रवेश किया था।