प्रधानमंत्री मोदी की समीक्षा: 2025 के लिए मंत्रालयों को मिला 'रिपोर्ट कार्ड'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में साल 2025 में सरकारी मंत्रालयों के कामकाज की एक बड़ी समीक्षा की है। कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन ने इस दौरान मंत्रालयों की रैंकिंग साझा की। यह रैंकिंग मुख्य रूप से फाइलों को जल्दी निपटाने और जनता की शिकायतों को सुलझाने जैसे पैमानों पर तय की गई थी। इस पूरे कदम का मकसद था कि सरकार और ज्यादा जवाबदेह बने और फैसले भी तेजी से लिए जा सकें।
प्रधानमंत्री ने योजनाओं की तेजी से डिलीवरी पर जोर दिया
प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों से साफ कहा कि वे कामकाज में होने वाली देरी को खत्म करें और यह सुनिश्चित करें कि कल्याणकारी योजनाएं सही मायने में उन लोगों तक पहुंचें जिन्हें उनकी सबसे ज्यादा जरूरत है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सभी काम जनता को ध्यान में रखकर किए जाएं, और इसे उन्होंने अपने 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य से जोड़ा।
उपभोक्ता मामले, कोयला, बिजली और स्वास्थ्य जैसे मंत्रालयों ने जनता की समस्याओं को तेजी से सुलझाने में अच्छा काम किया। इस समीक्षा के बाद, कुछ मंत्रियों ने जनता की सेवा को और बेहतर बनाने के लिए अपने-अपने स्तर पर जांच-पड़ताल शुरू कर दी। उदाहरण के तौर पर, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी टीम को निर्देश दिए कि वे किसानों की शिकायतों पर ज्यादा ध्यान दें।