रूस में जानलेवा प्लेग की दस्तक: क्या भारत को है चिंता करने की जरूरत?
रूस में नमोनिक प्लेग का एक संभावित मामला सामने आया है, जिसके चलते वहां के स्वास्थ्य अधिकारी जांच में लग गए हैं। इस संक्रमण की वजह से एक प्रयोगशाला कर्मचारी की मौत हो चुकी है, लेकिन केरल राज्य भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) की रिसर्च सेल के संयोजक राजीव जेयादेवन का कहना है कि भारत को अभी घबराने की कोई वजह नहीं है। संबंधों की पहचान का काम पहले से ही शुरू हो चुका है।
नमोनिक प्लेग गंभीर है, लेकिन इलाज संभव
नमोनिक प्लेग फेफड़ों का एक बेहद गंभीर संक्रमण है। अगर इसका तुरंत इलाज न किया जाए, तो यह 24 घंटे के अंदर जानलेवा साबित हो सकता है। खुशी की बात यह है कि आधुनिक चिकित्सा में इसके इलाज के लिए एंटीबायोटिक्स और बचाव के उपाय मौजूद हैं। केरल राज्य भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) की रिसर्च सेल के संयोजक राजीव जेयादेवन ने कहा, 'भारत को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। भारत के लिहाज से यह मामला दूसरे देश में हुआ है। इतनी लंबी दूरी तय कर इस बैक्टीरिया का भारत पहुंचना लगभग नामुमकिन है।'