तेल संकट में प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा आह्वान: घर से काम कर बचाएं देश का ईंधन, छिड़ी बहस
प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर के लोगों से घर से काम करने और वर्चुअल मीटिंग्स का इस्तेमाल करने की अपील की है, ताकि ईंधन बचाया जा सके। यह अपील तब और महत्वपूर्ण हो जाती है, जब ईरान में जारी तनाव के चलते दुनियाभर में तेल की आपूर्ति पर असर पड़ा है। सिकंदराबाद में हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बताया कि रोजाना आवाजाही कम करने और आयातित पेट्रोलियम पर निर्भरता घटाना सिर्फ समझदारी ही नहीं, बल्कि मुश्किल वक्त में देश का साथ देने का भी एक जरिया है।
भरोसा और तकनीक पर निवेश की मांग
प्रधानमंत्री मोदी के इस आह्वान से भारत में लचीले कामकाज (फ्लेक्सिबल वर्क) को लेकर नई बहस छिड़ गई है। एक तरफ, जहां कुछ लोगों को लगता है कि घर से काम करने से उत्पादकता बढ़ती है और काम में लचीलापन आता है, वहीं दूसरी तरफ सभी उद्योगों में इसे लागू करना संभव नहीं है। तकनीकी कंपनियां इसके लिए तैयार दिखती हैं, लेकिन फैक्ट्रियों और छोटे व्यवसायों के सामने अनेक चुनौतियां पेश आती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हाइब्रिड वर्क मॉडल को स्थायी बनाना है, तो सबसे पहले कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच भरोसा कायम करना होगा। हर क्षेत्र के मुताबिक नई नीतियां बनानी होंगी और बेहतर डिजिटल उपकरणों में निवेश करना होगा।