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प्रधानमंत्री करेंगे 'कर्तव्य भवन' और 'सेवा तीर्थ' का उद्घाटन, यहां कौन से मंत्रालय होंगे? जानें खासियत
प्रधानमंत्री मोदी 'सेवा तीर्थ' और 'कर्तव्य भवन' 1 और 2 का उद्घाटन करेंगे (फाइल तस्वीर)

प्रधानमंत्री करेंगे 'कर्तव्य भवन' और 'सेवा तीर्थ' का उद्घाटन, यहां कौन से मंत्रालय होंगे? जानें खासियत

लेखन आबिद खान
Feb 12, 2026
02:11 pm

क्या है खबर?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल यानी 13 फरवरी को सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बने 'सेवा तीर्थ' और 'कर्तव्य भवन-1 और 2' का उद्घाटन करेंगे। वे शाम में एक जन कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे। आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अपने ऐतिहासिक ठिकाने साउथ ब्लॉक से हटकर नई जगह जा रहा है। 13 फरवरी को ही साउथ ब्लॉक में आखिरी कैबिनेट बैठक भी होगी। आइए 'कर्तव्य भवन' और 'सेवा तीर्थ' के बारे में जानते हैं।

सेवा तीर्थ

कैसा है 'सेवा तीर्थ'?

'सेवा तीर्थ' करीब 2.26 लाख वर्ग फुट में फैला हुआ है, जिसके निर्माण पर 1,189 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसके परिसर में 3 मुख्य इमारतें हैं- सेवा तीर्थ-1, सेवा तीर्थ-2 और सेवा तीर्थ-3। 'सेवा तीर्थ-1' प्रधानमंत्री कार्यालय है, 'सेवा तीर्थ-2' में कैबिनेट सचिवालय का नया मुख्यालय है और 'सेवा तीर्थ-3' में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के कार्यालय होंगे। 'सेवा तीर्थ-2' में शिफ्टिंग का काम पहले ही पूरा हो चुका है।

खासियत

सेवा तीर्थ की खासियत जानिए

'सेवा तीर्थ' को ओपन फ्लोर जैसा बनाया गया है। इसका उद्देश्य औपचारिकताओं को कम करना, अधिकारियों के बीच तालमेल बढ़ाना और आपसी पारदर्शिता की भावना को विकसित करना है। इसकी डिजाइन में भी साउथ ब्लॉक के औपनिवेशिक वास्तुकला को हटाकर भारतीय तत्वों को शामिल किया गया है। सेवा तीर्थ को एन्क्रिप्टेड संचार प्रणालियों, उन्नत साइबर सुरक्षा नेटवर्क और एकीकृत सुरक्षा वास्तुकला के लैस किया गया है। यह इमारत भूकंप प्रतिरोधी है और सभी परिस्थितियों में कामकाज के लिए सक्षम है।

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कर्तव्य भवन

अब 'कर्तव्य भवन' के बारे में जानिए

'कर्तव्य भवन -1' और 'कर्तव्य भवन-2' में वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, कॉर्पोरेट मामलों, शिक्षा, संस्कृति, कानून और न्याय, सूचना और प्रसारण, कृषि और किसान कल्याण, रसायन और उर्वरक और जनजातीय मामलों सहित कई प्रमुख मंत्रालय स्थित होंगे। इससे पहले ये मंत्रालय सेंट्रल विस्टा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में फैली पुरानी इमारतों से संचालित हो रहे थे। इससे समन्वय में कठिनाई, प्रशासनिक अक्षमता, रखरखाव के बढ़ते खर्च और काम करने की खराब परिस्थितियां पैदा होती थीं।

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भवन की खासियत

क्या है कर्तव्य भवन की खासियत?

दोनों भवनों में डिजिटल रूप से एकीकृत कार्यालय, नागरिकों के लिए पब्लिक इंटरफेस जोन और केंद्रीकृत रिसेप्शन जैसी सुविधाएं दी गई हैं। पर्यावरण और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए दोनों भवनों का निर्माण 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुरूप किया गया है। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण और कचरा प्रबंधन जैसी पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाएं शामिल हैं। इसके अलावा स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, आधुनिक निगरानी प्रणाली और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र भी तैयार किया गया है।

संग्रहालय

नॉर्थ और साउथ ब्लॉक का क्या होगा?

प्रधानमंत्री कार्यालय फिलहाल साउथ ब्लॉक में है। वहीं, नॉर्थ ब्लॉक में पहले गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय थे। इन दोनों को अब कर्तव्य भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। पूरी तरह खाली होने के बाद साउथ और नॉर्थ ब्लॉक दोनों को एक सार्वजनिक संग्रहालय में बदल दिया जाएगा, जिसका नाम 'युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय' होगा। इसमें करीब 30,000 कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी और यह दुनिया के सबसे बड़े संग्रहालयों में से एक होगा।

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