प्रधानमंत्री मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला के साथ की द्विपक्षीय बैठक, क्या हुए समझौते?
क्या है खबर?
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा भारत दौरे पर हैं। आज उन्होंने हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों देशों में व्यापार, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, निवेश, डिजिटलीकरण, वैश्विक दक्षिण और अन्य अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इससे पहले लूला का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी भी मौजूद रहे।
दुर्लभ खनिज
दुर्लभ खनिजों पर हुआ अहम समझौता
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति सिल्वा के बीच बैठक में दुर्लभ खनिज पर अहम समझौता हुआ है। यह समझौता दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के लिए अहम है, जो वैश्विक आपूर्ति में चीन पर निर्भरता कम करने और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समझौता मजबूत सप्लाई चेन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। बता दें कि ब्राजील के पास दुनिया का दूसरा सबसे बड़े दुर्लभ खनिजों का भंडार है।
बयान
प्रधानमंत्री मोदी बोले- द्विपक्षीय व्यापार 20 अरब डॉलर तक ले जाएंगे
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "राष्ट्रपति लूला की दूरदृष्टि और नेतृत्व से भारत-ब्राजील संबंधों को लंबे समय से लाभ मिला है। हम अगले 5 साल में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से अधिक तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा व्यापार सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, यह विश्वास का प्रतीक है। भारत-मर्कोसुर व्यापार समझौते का विस्तार हमारे आर्थिक सहयोग को और मजबूत करेगा। भारत ब्राजील में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्टक्चर के लिए एक केंद्र खोलने पर काम कर रहा है।"
लूला का बयान
लूला बोले- यह डिजिटल और नवीकरणीय ऊर्जा शक्ति की मुलाकात
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने कहा, "मेरे प्रिय मित्र मोदी के देश में छठी बार आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। भारत और ब्राजील की यह मुलाकात खास है। हम सिर्फ ग्लोबल साउथ की 2 सबसे बड़ी लोकतांत्रिक ताकतें ही नहीं हैं, बल्कि यह एक डिजिटल शक्ति और नवीकरणीय ऊर्जा शक्ति की मुलाकात है। भारत और ब्राजील दोनों ही विविधताओं से भरे बड़े देश हैं, सांस्कृतिक उद्योग के बड़े केंद्र हैं और दोनों शांति का समर्थन करते हैं।"
प्रतिनिधिमंडल
अब तक का सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल लेकर आए लूला
लूला अपने साथ किसी दक्षिण एशियाई देश में अब तक का सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल लेकर आए हैं। उनके प्रतिनिधिमंडल में लगभग 14 मंत्री और शीर्ष ब्राजीलियाई कंपनियों के CEO भी हैं। ये CEO एक व्यापार मंच में भाग लेंगे, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापार और वाणिज्यिक संबंधों को दर्शाता है। वे 19 और 20 फरवरी को दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट में शामिल हुए। आज उन्होंने राजघाट पर श्रद्धांजलि अर्पित की।