प्रधानमंत्री मोदी की अरब देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात, गाजा शांति योजना का समर्थन किया
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत-अरब विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक के लिए भारत में आए विदेश मंत्रियों, अरब लीग के महासचिव और अरब प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारत और अरब जगत के बीच गहरे और ऐतिहासिक जन-संबंधों पर प्रकाश डाला। साथ ही, उन्होंने फिलिस्तीन के लोगों के लिए भारत के निरंतर समर्थन को दोहराया और और गाजा शांति योजना के प्रयासों का स्वागत किया।
मुलाकात
साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे- मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने मुलाकात की तस्वीर एक्स पर साझा कर लिखा, 'अरब लीग के विदेश मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करके खुशी हुई। अरब दुनिया भारत के बड़े पड़ोस का हिस्सा है, जो गहरे सभ्यताओं के बंधन, लोगों के बीच मजबूत कनेक्शन और स्थायी भाईचारे के साथ-साथ शांति, प्रगति और स्थिरता के लिए साझा प्रतिबद्धता से जुड़ा है। विश्वास है कि टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, व्यापार और इनोवेशन में बढ़ा सहयोग नए अवसर खोलेगा और साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।'
बयान
गाजा शांति योजना पर अभी भारत ने नहीं दिया कोई जवाब
प्रधानमंत्री मोदी ने गाजा शांति योजना का समर्थन तो किया है, लेकिन अभी तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भेजे गए इसे शांति बोर्ड में शामिल होने के प्रस्ताव पर कोई निर्णय नहीं लिया है। ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को निमंत्रण पत्र भेजकर, बोर्ड में शामिल होने का आग्रह किया था, जिसे भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया पर साझा किया था। ट्रंप ने रूस और इजरायल को भी इस संबंध में आमंत्रण भेजा था।
उम्मीद
फिलिस्तीन को भारत से उम्मीद
भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक (IAFMM) में मौजूद फिलिस्तीनी विदेश मंत्री वर्सेन अघाबेकियन ने NDTV से कहा कि गाजा में नाजुक युद्धविराम और राजनीतिक समाधान के लिए बढ़ती वैश्विक मांगों के बीच इजरायल-फिलिस्तीन के बीच स्थायी शांति में भारत मध्यस्थ भूमिका निभाने के लिए उपयुक्त है। उन्होंने कहा, "भारत मिस्र के माध्यम से सहायता भेजने वाले पहले देशों में से एक रहा है। इसने वेस्ट बैंक में विकास परियोजनाओं का समर्थन किया और लगातार मानवता के साथ खड़ा रहा है।"