प्रधानमंत्री मोदी कर सकते हैं अमेरिका का दौरा, राष्ट्रपति ट्रंप से द्विपक्षीय वार्ता की भी संभावना
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका का दौरा कर सकते हैं, जहां दिसंबर में G-20 शिखर सम्मेलन का आयोजन होना है। ये सम्मेलन 14-15 दिसंबर को फ्लोरिडा में आयोजित होगा, जिसकी मेजबानी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे। ये भी माना जा रहा है कि अगर प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका जाते हैं, तो वे शिखर सम्मेलन के इतर राष्ट्रपति ट्रंप के साथ द्विपक्षीय बैठक भी कर सकते हैं। हालांकि, अभी दौरे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रिपोर्ट
भारत में अमेरिकी राजदूत ने दिए थे संकेत
इंडिया टुडे ने बताया कि 14-15 दिसंबर को ट्रंप नेशनल डोरल मियामी रिसॉर्ट में आयोजित होने वाले शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी के जाने की संभावना है।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप की प्राथमिकता वाले नेताओं में से एक होंगे जिनसे वे मिलना चाहेंगे। उन्होंने यह भी कहा था की यात्रा में सम्मेलन में भाग लेने से कुछ ज्यादा शामिल हो सकता है।
कनाडा
कनाडा का भी दौरा करेंगे प्रधानमंत्री
G-20 सम्मेलन के दौरान क्वाड नेताओं का शिखर सम्मेलन भी हो सकता है। यह बैठक AI, महत्वपूर्ण खनिजों, उभरती प्रौद्योगिकियों और आपदा राहत सहित विभिन्न क्षेत्रों में क्वाड के सहयोग को मजबूत करने के नए प्रयासों के बीच हो रही है।
अमेरिका से ही प्रधानमंत्री मोदी कनाडा भी जा सकते हैं।
रॉयटर्स ने कनाडा के व्यापार मंत्री के हवाले से बताया है कि प्रधानमंत्री मोदी और कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच मुलाकात की भी संभावना है।
आखिरी बैठक
जून में आखिरी बार मिले थे दोनों नेता
प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की आखिरी मुलाकात जून में फ्रांस के एवियन में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी।
तब दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी सहित भारत-अमेरिका सहयोग में हुए घटनाक्रमों की समीक्षा की और एक अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए बातचीत पर चर्चा की।
दोनों देशों के बीच व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर महीनों से चल रही बातचीत के भी जल्द पूरा होने की उम्मीद है।
अहमियत
क्यों और कितना अहम प्रधानमंत्री का संभावित अमेरिकी दौरा?
भारत-अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते कई दौर की चर्चाओं के बाद भी अटका हुआ है। दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान इस पर चर्चा होनी तय है।
हाल ही में अमेरिका ने रूस से तेल खरीद के चलते भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ वाला विधेयक पारित किया है। दोनों देशों के बीच ये मुद्दा नए विवाद के तौर पर उभरा है।
पश्चिम एशिया और यूक्रेन में युद्ध के चलते भी चर्चा पर नजरें रहेंगी।