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प्रधानमंत्री ने किया 'सेवा तीर्थ' का उद्घाटन, आजादी के बाद पहली बार बदला PMO का पता
प्रधानमंत्री मोदी ने नए प्रधानमंत्री कार्यालय का उद्घाटन किया है

प्रधानमंत्री ने किया 'सेवा तीर्थ' का उद्घाटन, आजादी के बाद पहली बार बदला PMO का पता

लेखन आबिद खान
Feb 13, 2026
03:01 pm

क्या है खबर?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की नई इमारत 'सेवा तीर्थ' और कर्तव्य भवन 1 और 2 का उद्घाटन किया। इस परिसर से अब PMO, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय संचालित होंगे। इसी के साथ आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री कार्यालय नई जगह पर स्थानांतरित किया गया है। वे आज शाम 4 बजे साउथ ब्लॉक में केंद्रीय कैबिनेट की आखिरी और विशेष बैठक करेंगे, जो करीब 78 सालों तक सत्ता का केंद्र रहा है।

सेवा तीर्थ

'सेवा तीर्थ' के बारे में जानिए

'सेवा तीर्थ' करीब 2.26 लाख वर्ग फुट में फैला हुआ है, जिसके निर्माण पर 1,189 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसके परिसर में 3 मुख्य इमारतें हैं- सेवा तीर्थ-1, सेवा तीर्थ-2 और सेवा तीर्थ-3। 'सेवा तीर्थ-1' प्रधानमंत्री कार्यालय है, 'सेवा तीर्थ-2' में कैबिनेट सचिवालय का नया मुख्यालय है और 'सेवा तीर्थ-3' में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के कार्यालय होंगे। 'सेवा तीर्थ-2' में शिफ्टिंग का काम पहले ही पूरा हो चुका है।

कर्तव्य भवन

कैसा है 'कर्तव्य भवन'?

'कर्तव्य भवन -1' और 'कर्तव्य भवन-2' में वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, कॉर्पोरेट मामलों, शिक्षा, संस्कृति, कानून और न्याय, सूचना और प्रसारण, कृषि और किसान कल्याण, रसायन और उर्वरक और जनजातीय मामलों सहित कई प्रमुख मंत्रालय स्थित होंगे। दोनों भवनों में डिजिटल रूप से एकीकृत कार्यालय, नागरिकों के लिए पब्लिक इंटरफेस जोन, स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, आधुनिक निगरानी प्रणाली, उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण और कचरा प्रबंधन जैसी पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाएं शामिल हैं।

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परियोजना

सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत हुआ है निर्माण

सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन का निर्माण सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत किया गया है। इसी परियोजना के तहत नया संसद भवन और कर्तव्य पथ बनाए गए हैं। नए PMO के पास ही प्रधानमंत्री का नया आवास भी बन रहा है। इसके बाद प्रधानमंत्री 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित मौजूदा आवास से यहां शिफ्ट हो जाएंगे। सेंट्रल विस्टा परियोजना में राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक कई इमारतों का निर्माण और पुनर्निर्माण शामिल है।

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संग्रहालय

नॉर्थ और साउथ ब्लॉक का क्या होगा?

प्रधानमंत्री कार्यालय फिलहाल साउथ ब्लॉक में है। वहीं, नॉर्थ ब्लॉक में पहले गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय थे। इन दोनों को अब कर्तव्य भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। पूरी तरह खाली होने के बाद साउथ और नॉर्थ ब्लॉक दोनों को एक सार्वजनिक संग्रहालय में बदल दिया जाएगा, जिसका नाम 'युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय' होगा। इसमें करीब 30,000 कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी और यह दुनिया के सबसे बड़े संग्रहालयों में से एक होगा।

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