प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक पर दिया बयान, कहा- दोषियों को कठोर दंड मिलेगा
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के बढ़ते विरोध-प्रदर्शन के बीच गुरुवार सुबह NEET पेपर लीक को लेकर बयान दिया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने और केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की बात कही। उन्होंने बताया कि मामले में संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
बयान
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले नहीं बचेंगे- मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने अंग्रेजी और हिंदी में लिखे पोस्ट में कहा कि विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने बताया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
इससे पहले मोदी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की संसदीय दल की बैठक में पेपर लीक को 'गंभीर पाप' बताया था।
ट्विटर पोस्ट
प्रधानमंत्री मोदी का पोस्ट
Nothing is more important than the welfare and future of our youth!
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
We have decided to set up fast-track courts to ensure swift and stringent punishment for those involved in paper leaks. Have directed the concerned authorities and officials to take all necessary steps in this…
विरोध
संसद में चर्चा को तैयार सरकार
प्रधानमंत्री मोदी का बयान ऐसे समय पर आया है, जब उनकी सरकार के खिलाफ छात्रों औऱ लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
एक दिन पहले ही संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा और राज्यसभा में यह घोषणा की है कि सरकार NEET पेपर लीक मामले पर चर्चा के लिए तैयार है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि सरकार संसद में चर्चा के लिए तैयार है।
गुस्सा
सरकार पर बढ़ रहा है चौतरफा दबाव
NEET पेपर लीक और उसके बाद शुरू हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन ने सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।
इसके बाद, संसद के मानसून सत्र के बीच विपक्षी सांसद भी लगातार संसद में सरकार को घेर रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने से मुद्दा पूरे देश में छा गया है।
सभी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं, जबकि सरकार ने अभी तक इस्तीफे पर कुछ नहीं कहा है।