प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया के हालात पर की CCS की अहम बैठक
क्या है खबर?
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक की अध्यक्षता की। इसमें ईरान युद्ध की वजह से पैदा हुए हालातों को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव समेत कई बड़े नेता और अधिकारी शामिल हुए।
पिछली बैठक
22 मार्च को भी प्रधानमंत्री ने की थी बैठक
इससे पहले 22 मार्च को भी प्रधानमंत्री ने एक समीक्षा बैठक की थी। तब कैबिनेट सचिव ने वैश्विक स्थिति और अब तक उठाए गए और भारत सरकार के सभी संबंधित मंत्रालयों/विभागों द्वारा किए जा रहे उपायों पर रिपोर्ट पेश की थी। बैठक में कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, निर्यातक, शिपिंग, व्यापार, वित्त और सभी प्रभावित क्षेत्रों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव और उससे निपटने के लिए उठाए गए उपायों पर चर्चा की गई थी।
अपील
प्रधानमंत्री ने की थी देशवासियों से एकजुट रहने की अपील
29 मार्च को प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए लोगों को संबोधित किया था। तब उन्होंने कहा था, "दुनिया के जिस क्षेत्र में युद्ध चल रहा है, वह हमारी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा केंद्र है। इसकी वजह से में पेट्रोल और डीजल का संकट सामने आया है। निश्चित तौर पर यह चुनौतीपूर्ण समय है। मैं देशवासियों से फिर आग्रह करूंगा कि हमें एकजुट होकर इस चुनौती से बाहर निकलना है।"
CCS
CCS क्या होती है?
CCS भारत की सबसे बड़ी निर्णय लेने वाली संस्था है। ये राष्ट्रीय सुरक्षा, सामरिक मामलों से जुड़े विषय और रक्षा खर्च से जुड़े बड़े फैसले लेती है। प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं। इसके अलावा रक्षा मंत्री,गृह मंत्री, वित्त मंत्री और विदेश मंत्री भी शामिल होते हैं। विशेष परिस्थितियों में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी इसकी बैठक में मौजूद होते हैं। युद्ध, सीमा पर खतरा और जरूरी चीजों की आपूर्ति बनाए रखने जैसी आवश्यक स्थितियों में इसकी बैठके बुलाई जाती है।